पहले से बनी पंचायत भवनों की उपयोगिता क्या है?

—बदरे आलम,सिद्धार्थ नगर

उत्तर प्रदेश सरकार गांव में नए रोजगार पैदा करने के लिए 24 हज़ार नये पंचायत भवनों का निर्माण करने जा रही है।इस से पहले प्रदेश भर में हजारों पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। नए पंचायत भवन की लागत 20 लाख रु होगी। इस मद में 4,हज़ार करोड़ रु मनरेगा से खर्च होगा।

प्रश्न यह है कि पहले से बनी पंचायत भवनों की उपयोगिता क्या है? सरकर नें कभी इन पुरानी पंचायत भवनों की उपयोगिता की जानकारी ली है? मै नें जिन-जिन गांव का दौरा किया है,वहां पर देखा है कि यह भवन खँडहर हो चुके हैं या बंद पड़े हैं।जो अगले कुछ वर्षों में खँडहर में बदल जाएं गे।

दूसरी बात यह है कि क्या इतने बड़े भवन की ग्राम पंचायत को ज़रूत भी है ? मेरे अनुभव के अनुसार बिल्कुल नहीं। इन भवनों को रोज खुलना भी चाहिए और उसके लिए कर्मचारी कहां से आयेंगे?

मजदूरों-कारीगरो को रोजगार ही दना है तो इस से बेहतर गांव में पक्की नाली,खडनजा और सीसी रोड देकर रोजगार दिया जा सकता है। जिसकी ग्राम पंचायतों को ज़रूरत भी है।

आखिर ऐसी अनउपयोगी योजनाओं को किस आधार पर मंजूरी दी जाती है?

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