ईज ऑफ डूईंग रैंकिंग में यूपी दस रैंक बढ़ा

योगी सरकार के प्रयास से प्रदेश 12वें से दूसरे स्थान पर आया

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से संघर्ष के बीच ईज ऑफ डूईंग बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने लम्बी छलांग लगाई है।

इससे पता चलता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में व्यापार और उद्योग के लिए काफी बेहतर माहौल तैयार करने में सफलता पाई है।
निवेशकों-उद्यमियों के बीच यूपी की छवि बदलने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बार-बार किए गए दावे पर भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) ने भी मुहर लगा दी।

यूपी को देश में दूसरा स्थान

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की रैंकिंग में यूपी को देश में दूसरा स्थान मिला है।

2017-18 की तुलना में दस पायदान की ऊंची छलांग के पीछे औद्योगिक सुधार के लिए उठाए गए 186 कदम हैं, जिनमें बहुत अहम हैं सिंगल विंडो पोर्टल निवेश मित्र।

प्रदेश की कमान संभालने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विकास को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लिया।

सरकार, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नियम-नीतियों में संशोधन करती रही।

सरकारी दावे के मुताबिक डीपीआइआइटी ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए कुल 187 सुधारात्मक कदम सुझाए थे।

इनमें से यूपी सरकार ने 186 को लागू किया।

आंध्र पहले और तेलंगाना तीसरे स्थान पर

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए ईज ऑफ डूईंग रैंकिंग को बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड तैयार करता है।

इससे पहले यह रैंकिंग जुलाई 2018 में जारी की गई थी।

इस रैंकिंग चार्ट में टॉप पर आंध्र प्रदेश था। तेलंगाना दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर थे।

उत्तर प्रदेश ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में 12वीं रैंक से पहले की स्थिति में दस रैंक की छलांग लगाई है।

अब यूपी व्यापार करने में आसानी के मामले में भारत में नंबर दो पर है।

इस रैकिंग से पता चलता है कि यूपी सरकार ने व्यापार में सुधार की दिशा में तेजी से काम किया है।

इसके साथ ही यहां पर निवेशक आसानी से व्यापार को बढ़ा भी सकते हैं।

इस बार रैकिंग में पहले स्थान आंध्र प्रदेश है। उत्तर प्रदेश के छलांग लगाने के कारण तेलंगाना तीसरे स्थान पर खिसक गया है।

केंद्र सरकार जारी करती है रैंकिंग

केंद्र सरकार हर वर्ष ईज ऑफ डूईंग बिजनेस रैंकिंग जारी करती है।

इसका मकसद घरेलू व वैश्विक निवेशकों को आकृष्ट करना और राज्यों में कारोबारी माहौल सुधारना होता है।

जिसे राज्य व्यापार सुधार एक्शन प्लान रैंकिंग भी कहा जाता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को वर्ष 2019 के लिए यह रैंकिंग जारी की।

यह रैंकिंग सौ सूचकांकों में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन पर आधारित है।

यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का चौथा संस्करण है।

सरकार के अनुसार यह सुधारों के दायित्वों को गहरा और विस्तृत कर रहा है।

योगी की कड़ी मेहनत का परिणाम

सिर्फ एक वर्ष में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश की यह दस पायदान की छलांग सराहनीय है।

इसके पीछे निश्चित रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कड़ी मेहनत है।

यूपी सरकार ने बीते एक वर्ष के दौरान राज्य में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई नई नीतियों की घोषणा की है।

इसके साथ ही नियम-कायदों को आसान बनाया है। सरकार की वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट प्रमोशन योजना भी काफी कारगर रही।

हाल ही में योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के लिए नई एमएसएमई नीति बनाई है।

इसके तहत अब राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए सभी जरूरी एनओसी सिर्फ 72 घंटों के अंदर दे दी जाएगी।

बनाएंगे अग्रणी राज्य : योगी

इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता, निवेशकों और उद्यमियों को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में उत्तरप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार की यह उपलब्धि सभी के सहयोग से संभव हुई है।

प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लिए उद्यमियों, निवेशकों और उद्योगपतियों को अनेक सुविधाएं दी जा रही हैं।

योगी ने कहा कि इन परिणामों से साबित हो गया कि प्रदेश सरकार के इन समस्त प्रयास रंग लाये हैं।

उत्तरप्रदेश निवेशकों और कारोबारियों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन के तौर पर उभरा है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूपी को अग्रणी राज्य बनाएंगे।

टीम वर्क से जीता उद्यमियों का भरोसा : 

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना का कहना है कि हम उद्यमियों-निवेशकों को भरोसा जीतने में सफल रहे।

तकनीकी सुविधा और बेहतर नीतियों से यूपी निवेश का पसंदीदा डेस्टिनेशन बना।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार और इनवेस्ट यूपी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी नीना शर्मा ने भी विभागीय प्रयासों का उल्लेख करते हुए रैंकिंग को उद्यमियों का भरोसा बताया।

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