यूपी में खेला चालू… इत्र की खुशबू से आरोपों की दुर्गंध तक पहुंचा सियासी मुकाबला

यूपी में मौसम भले ही सर्द हो, लेकिन वहां का सियासी पारा हाल के कुछ दिनों में से आज सबसे ज्यादा गर्म रहा है। एक ओर मोदी ने अपनी रैली में समाजवादी इत्र व्यवसायी के घर से लगातार निकल रहे नोटों को लेकर सपा को आड़े हाथों लेने की कोशिश की है, तो वहीं सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने साफतौर पर इसके लिये बीजेपी को दोषी बताया है।

यूपी में खेला चालू…

चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश में चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रहा है और उधर दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक ताक़तों के बीच आरोप प्रत्यारोप जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो उद्घाटन के लिए कानपुर में थे तो समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव बग़ल में उन्नाव में रैली कर रहे थे।

यूपी में मौसम भले ही सर्द हो, लेकिन वहां का सियासी पारा हाल के कुछ दिनों में से आज सबसे ज्यादा गर्म रहा है। एक ओर मोदी ने अपनी रैली में समाजवादी इत्र व्यवसायी के घर से लगातार निकल रहे नोटों को लेकर सपा को आड़े हाथों लेने की कोशिश की है, तो वहीं सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने साफतौर पर इसके लिये बीजेपी को दोषी बताया है।

उन्होंने बिना डरे हुये मोदी सरकार की नोटबंदी पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं और कहा है कि ​बीते कई वर्षों से बीजेपी की सरकार होने के बावजूद यदि प्रदेश में इस तरह से नोटों के बंडल मिल रहे हैं तो इसके लिये जिम्मेदार खुद उनकी सरकार और प्रशासन है, जिसे इतने लंबे समय तक इस बात की भनक तक नहीं लग पाई। वहीं, उन्होंने इस बात को भी गंभीरता से उठाया कि बीजेपी ने देश की जनता को आश्वस्त किया था कि नोटबंदी के बाद देश से भ्रष्टाचार मिट जायेगा, फिर आज नोटों की इतनी बड़ी खेप कैसे मिल रही है! क्या इसके लिये केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार के अलावा कोई दूसरा जिम्मेदार हो सकता है भला!

ऐसे ही कई गंभीर मुद्दों पर सुनिये वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी और कुमार भुवेश चंद्र चर्चा…

सुनें वीडियो…

चुनावी गर्मी से यूपी में सियासी लू

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