UP Election 2022 : अटल  के सलाहकार सुधीन्द्र कुलकर्णी मोदी के बनारस में क्या कर रहे हैं

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सलाहकार रहे सुधीन्द्र कुलकर्णी यूपी चुनाव में सक्रिय होकर भारतीय जनता पार्टी भाजपा को हराने के लिए वाराणसी और आसपास के ज़िलों में घूमकर प्रचार कर रहे हैं।

सुधींद्र कुलकर्णी ने मिर्ज़ापुर के मतदाताओं से अपील की है कि वे 2022 में उत्तरप्रदेश को योगी-मुक्त बनाएं ताकि 2024 में भारत मोदी-मुक्त हो सके. श्री कुलकर्णी दो मार्च को मीरजापुर नागरिक संगठन के आमंत्रण पर शहर के डंकीनगंज स्थित, इंडियन कैफे में मौजूद रहे और इस दौरान उन्होंने साथी पत्रकारों से पांच राज्यों में हो रहे चुनावों पर खुलकर बातचीत की. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेई के दौर की भाजपा को समावेशी और नरेंद्र मोदी के दौर की भाजपा को विभाजक बताते हुए कहा कि उन्होंने खुद 16 वर्षों तक भाजपा के लिए काम किया है और जिसमें से 6 वर्ष तक पीएमओ में उच्च पद पर भी रहे. लेकिन आज के समय की भाजपा की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर वे उन सभी राज्यों में भाजपा के खिलाफ़ अभियान में उतरे हुए हैं, जहां अभी चुनाव चल रहे हैं.

सुधींद्र कुलकर्णी ने मिर्ज़ापुर के मतदाताओं से अपील की है कि वे 2022 में उत्तरप्रदेश को योगी-मुक्त बनाएं ताकि 2024 में भारत मोदी-मुक्त हो सके. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के लोगों के हाथों में यह अवसर है और यह उनकी ज़िम्मेदारी भी है कि वे निम्न बिंदुओं पर गौर करते हुए भाजपा के खिलाफ़ तगड़ा जनादेश लेकर आएं.

  1. भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहले किसी मुख्यमंत्री ने चुनावों को इस तरह सांप्रदायिक बनाने की कोशिश नहीं की, जैसे योगी आदित्यनाथ ने इसे 80 बनाम 20 की लड़ाई बताकर किया. यह स्पष्ट रूप से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए.
  2. केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार ने लगातार लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान पर ऐसे घातक हमले किए हैं, जो भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. इस सरकार ने अपने वैचारिक और राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ़ सत्ता संस्थानों का जमकर दुरुपयोग किया है और उन्हें “राष्ट्र विरोधी” कहा है. भाजपा की सरकार ने पूरे देश में भय और अराजकता का माहौल बना दिया है, खासतौर पर हमारे मुस्लिम भाई-बहनों के लिए.
  3. भाजपा ने “अच्छे दिन” के वायदे के नाम पर जनता को धोखा दिया है. इस सरकार ने न तो महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कुछ किया न ही युवाओं को रोज़गार दिलाने के लिए. इनकी आर्थिक नीतियों का नतीजा यह रहा कि अमीर और अमीर होते गए और गरीब पहले से भी ज्यादा गरीब हो गया.

अपनी बात को खत्म करते हुए सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा कि वे इस भाजपा विरोधी अभियान के तहत लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आजमगढ़, रायबरेली और राबर्ट्सगंज का दौरा कर चुके हैं और उन्हें यकीन है कि उत्तरप्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और इस बार “परिवर्तन” का जनादेश लाने के लिए यहां की जनता बढ़-चढ़ कर अपना योगदान देगी.

इसके पहले सुधीन्द्र कुलकर्णी ने वाराणसी की कई सीटों पर भाजपा के ख़िलाफ़ कांग्रेस उम्मीदवारों का प्रचार किया।

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