2 साल से लटकी पदों के खिलाफ राजघाट में लाखों आवेदक का हल्ला बोल

नई दिल्ली: आज यानी 12 नवंबर को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सिपाही भर्ती के लिए काफी यूवा दिल्ली के राजघाट पर शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. बता दे कि साल 2018 में केंद्र सरकार ने SSC GD की 60 हजार भर्तियों के लिए परीक्षा करवाई थी जिसमें 85 हजार छात्र पास होने के बावजूद अभ्यर्थियों की अभी तक भर्ती नही हुई है.

3 साल के बाद भी नहीं हुई भर्ती

3 साल बीतने के बाद भी भर्ती प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई, अब मेरिट बढ़ने से इस भर्ती से 25 हजार सफल छात्र बाहर हो जाएंगे. सिपाही भर्ती के परिणाम में अनियमितता को लेकर लगातार अभ्यर्थियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा. उनका कहना है कि लिखित परीक्षा में अच्छी मेरिट होने के बावजूद उनको मेडिकल परीक्षण के चयन से बाहर कर दिया गया.

मांग है कि पदों की संख्या बढ़ाई जाए

छात्रों की मांग है कि पदों की संख्या बढ़ाई जाए क्योंकि 3 साल में कई अभ्यर्थी अन्य भर्तियों के लिए आयु सीमा में अयोग्य हो चुके हैं. यूपी में करीब 50 हजार पुलिस भर्ती प्रक्रिया भी पिछले 2 साल से अटकी पड़ी है, अभ्यर्थियों ने इसे लेकर ट्वीटर पर आवाज उठाई है.

केंद्रीय मंत्रालय को मामले में करना चाहिए हस्तक्षेप

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सिपाही भर्ती के लिए ‘एसएससी जीडी 2018’ के लाखों आवेदकों की ओर से कन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को बातचीत का आखिरी मौका दिया है. अगर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया, तो 12 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हल्लाबोल के लिए तैयार रहें. एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए.

पद के लिए अमित शाह से किया आग्रह

उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि वे सभी अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों की बैठक कर उन्हें दिशा निर्देश दें कि तीन साल से चली आ रही भर्ती प्रक्रिया को अविलंब पूरा किया जाए. साथ ही उन 85 हजार से ज्यादा आवेदकों को तत्काल नियुक्ति पत्र दिया जाए जिनका मेडिकल भी हो चुका है और जिन्होंने भर्ती के सभी मापदंड पूरे कर लिए हैं.

‘एसएससी जीडी 2018’ से ट्विटर पर चलाया अभियान

पिछले सप्ताह भी एसोसिएशन ने ‘एसएससी जीडी 2018’ के आवेदकों के साथ मिलकर ट्विटर पर अभियान चलाया था. इसके साथ करीब साढ़े छह लाख आवेदक जुड़ गए थे. इसके बाद एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से कहा था कि उन्हें बातचीत के लिए बुलाया जाए. यदि बातचीत का न्यौता नौ नवंबर तक आ जाता है तो वार्ता होगी. इसके बाद 12 नवंबर को विभिन्न राज्यों के लाखों आवेदक राजघाट पर पहुंचेंगे. राष्ट्रपिता की समाधि पर माथा टेकने के बाद सभी आवेदक शालीनता एवं शांतिपूर्ण तरीके से विजय चौक की तरफ चलेंगे. जुलूस पूरी तरह मौन रहेगा. कोई नारेबाजी नहीं होगी.

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