लखनऊ में एक पुलिस अफ़सर के बगीचे की झलक

किसान धरती के देव दूत

आईपीएस अफ़सर श्री बृज लाल उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिदेशक रहे हैं . उनकी गिनती तेज तर्रार पुलिस अफ़सरों में होती थी . रिटायरमेंट के बाद वह लखनऊ में रहते हैं  . पुलिस अफ़सर के नाते उन्हें बंदूक़ का शौक़ तो है ही , पर उससे ज़्यादा उन्हें बाग़वानी का शौक़ है. उनका आँगन और बगीचा तरह – तरह के फूलों , फलों और सब्ज़ियों से हरा भरा रहता है. कई तो दुर्लभ भी.खेती और बाग़वानी ऐसे शौक़ हैं क़ि  उनसे अनाज, फल और सब्ज़ी तो मिलती है है, मतलब भर की शारीरिक कसरत हो जाती है. अपने बोए बीज या पौधे खिले देखकर मन भी प्रसन्न होता है. बाग़वानी कहीं भी की जा सकती है, खेत में आँगन में  या छत पर. अपने घर की सब्ज़ी या फल खाने से आप रासायनिक खाद और कीडेमार  दवाइयों  अथवा गंदे नालों के किनारे की सब्ज़ियों से भी बच जाते हैं. पेश है  बृज लाल जी के बाग़वानी के शौक़ की एक  झलक  उन्हीं  शब्दों में – राम दत्त त्रिपाठी 

बृज लाल , पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर  प्रदेश 

मेरे गार्डेन में खिला ब्रह्मकमल। यह साल में कभी भी खिल सकता है। October 2019 नवरात्रि में एक साथ 9 फूल खिले थे। शाम को फूल खुलना शुरू होता है, और रात्रि 10 बजे तक पूरा खिल जाता है और सुबह सूरज की किरण के साथ मुरझा जाता है । केवल एक रात का फूल है ।पहाड़ों पर एक और ब्रह्म कमल खिलता है , जो उत्तराखंड का राज्यपुष्प है।

हमारे गार्डेन का PEACE LILLY.हमेशा हराभरा रहनेवाला यह पौधा मूलरूप से दक्षिण अमेरिका के वर्षा बनों में पाया जाता है , जिसका वैज्ञानिक नाम Spathiphyllum है।इस पौधे को छाया पसंद है , सीधी सूर्य की रोशनी बर्दाश्त नहीं कर पाता है। अच्छा इंडोर प्लांट है । इसे प्रसिद्धि तब मिली जब NASA ने इसे ‘Top ten Household Air Cleaning plant’के रूप में मान्यता दी।मै नर्सरी से इसके ख़ूबसूरत पत्तों को देखकर लाया था। अब जब फूल खिले , तब जानकारी हुई कि यह Peace Lilly है ।

कौन कहता है कि लखनऊ में आड़ू( peach) नहीं हो सकता। मेरठ में आडू बहुत होता है , मै 1991-93 मेरठ का SSP रहा। मैंने सोचा कि मेरठ और लखनऊ के वातावरण में काफ़ी समानता है। मैंने शाहजहाँपुर मेरठ की राजधानी नर्सरी से पौधे यहाँ और अपने गाँव सिद्धार्थनगर में लगवाये और परिणाम सामने है ।पहलीबार फल मात्र 15-20 ही आये परंतु अगले वर्ष से अधिक फल की उम्मीद ।

मेरे गार्डेन की गोल लौकी। इसे मै तीन साल से लगा रहा हूँ।इतनी सॉफ़्ट कि मुँह में जाते ही घुल जाती है और उतनी ही स्वादिष्ट। कई लौकियाँ पकाने के बाद भी कड़ी रह जाती है , परंतु इसे यदि पकाते समय ध्यान नहीं दिया तो गलकर हलुवा बन जायेंगी।

मेरे गार्डेन का बारहमासी सहजन( Drum Stick)। नाम के अनुसार हर समय फल देता है।सीजनल सहजन केवल मार्च- अप्रैल में ही मिलता है। इसकी फली, फूल , पत्ती सब में औषधीय गुण है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर सहजन का वृक्षारोपण करवाया था। सहजन पूरे देश में खाया जाता है। साम्भर बिना सहजन के अधूरा है।

Benefits of drum Stick- 1-Regulates blood pressure  2-Beneficial in Diabetics  3-Improves Digestive health 4-Helpful in respiratory disorders. 5-Develops strong bones 6-Aphrodisiac ( Improves Testosterone level and increases Sexual ability) 7- Boots Immunity      It is really a super food.It is full of iron, calcium, magnesium, vitamin C and other vitamins and trace elements necessary for human Health.

 

दिल की बात

दोपहर  2 बजे, बीबी ने  कहा खेत मे जा रहे हो,गर्मी तो आप से बर्दास्त नही होती।आज अपने बाबा(दादा) की याद आ गई DNA ,खून तो वही है।मै भी 5 स्टार और 7 स्टार से निचे बात नही करता था। आज समझ मैं आया कि किसान भी धरती के देव दूत हैं ।

 Brij Lal IPS Retd.Ex-DGP UP, Ex- Chairman UP SC/ST Commission, Ex- Minister of State( Status).

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles