PM मोदी तीनों दिन होंगे लखनऊ में आयोजित 56वें DGP/IGP सम्मेलन 2021 का हिस्सा

इस वर्ष पहली बार, सम्मेलन में चर्चा किए जाने वाले समसामयिक सुरक्षा मुद्दों पर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 200 से अधिक विभिन्न वरिष्ठता के अधिकारियों से उनके विचार मांगे गए हैं। सम्मेलन के पहले दिन कोविड महामारी के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका और उनके त्याग की पीएम और गृहमंत्री ने सराहना की और उन्हें सम्मानित भी किया।

वर्ष 2014 से ही देश के विभिन्न भागों में पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन का आयोजित किया जा रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली से बाहर आयोजित किये जाने वाले सम्मेलनों में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं। विधानसभा चुनाव प्रचार के क्रम में तीन दिनों के लिये पीएम मोदी फिलहाल उत्तर प्रदेश में हैं। ऐसे में अगले दो दिनों तक लखनऊ में आयोजित 56वें DGP/IGP सम्मेलन 2021 का हिस्सा पीएम मोदी भी होंगे। बता दें कि इस वर्ष पहली बार, सम्मेलन में चर्चा किए जाने वाले समसामयिक सुरक्षा मुद्दों पर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 200 से अधिक विभिन्न वरिष्ठता के अधिकारियों से उनके विचार मांगे गए हैं। सम्मेलन के पहले दिन कोविड महामारी के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका और उनके त्याग की पीएम और गृहमंत्री ने सराहना की और उन्हें सम्मानित भी किया।

मीडिया स्वराज डेस्क

लखनऊ में 56वें पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन का आज नवंबर 19, 2021 को गृह मंत्री अमित शाह ने उदघाटन किया। इस वर्ष, पहली बार यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है। सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक तथा CAPFs (Central Armed Police Forces) के प्रमुख, लखनऊ पुलिस मुख्यालय से इस सम्मेलन में सम्मिलित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 350 अन्य अधिकारीगण, विभिन्न राज्यों में स्थित IB कार्यालयों से, वर्चुअल प्लेटफ़ार्म के जरिए इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।

सम्मेलन का उदघाटन करते हुए, गृह मंत्री ने कोविड महामारी के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका और उनके त्याग की सराहना की। गृह मंत्री ने आसूचना ब्यूरो के अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल प्रदान किए तथा देश के 3 सर्वश्रेष्ठ थानों, दिल्ली के सदर बाजार, ओडिशा के गंगापुर और हरियाणा के भटटू कलां को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। बता दें कि अगले दो दिनों तक प्रधानमंत्री भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे।

गृह मंत्री ने राज्य पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर देते हुए प्रतिनिधियों से कहा कि वे सम्मेलन में दिए गए सुझावों पर समयबद्ध तरीके से अमल करें। उन्होने तटीय सुरक्षा, वामपंथी उग्रवाद, नारकोटिक्स, साइबर क्राइम तथा सीमा प्रबंधन जैसे सुरक्षा संबंधित विषयों पर ध्यान केंद्रित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुसार, हाइब्रिड तरीके से सम्मेलन के आयोजन की सराहना की और कहा कि इससे निचले स्तर के अधिकारियों तक सूचनाओं का बेहतर प्रसार हो सकेगा। उन्होने प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस थानों और बीट स्तर के सुधारों पर ज़ोर दिया।

सम्मेलन के दौरान आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई जिनमें जेल सुधार, कट्टरवाद से मिल रही चुनौतियाँ तथा पुलिस प्रशिक्षण जैसे विषय शामिल थे। NATGRID ने भी सम्मेलन में एक प्रजेंटेशन दिया। इस प्रजेंटेशन का मुख्य ध्येय, चुनौतियों को उजागर करना और उनसे निपटने के लिए भावी दिशानिर्देश तय करना था।

वर्ष 2014 से पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन, देश के विभिन्न भागों में आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री दिल्ली से बाहर आयोजित सम्मेलनों में नियमित रूप से शामिल हो रहे हैं। समय के साथ, सम्मेलन के प्रारूप में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जैसे कि अवधि तथा इनके आयोजन का तरीका। सम्मेलन की तैयारी के दौरान, आंतरिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए, विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को शामिल कर, अनेक कोर ग्रुप गठित किए गए। इस वर्ष पहली बार, सम्मेलन में चर्चा किए जाने वाले समसामयिक सुरक्षा मुद्दों पर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 200 से अधिक विभिन्न वरिष्ठता के अधिकारियों से उनके विचार मांगे गए।

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