किसान आंदोलन को बदनाम करने पर तुली सरकार – जयंत चौधरी

लोक दल नेता जयंत चौधरी ने आरोप लगाया है की मोदी सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करने पर तुली है. जयंत चौधरी सम्पूर्णानगर, लखीमपुर खीरी में वृहस्पतिवार को किसान पंचायत को संबोधित कर रहे थे. पंचायत में मॉंग की गयी कि कोई अनाज ख़रीद सरकार द्वारा एमएसपी घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न हो और मंडी व्यवस्था में सुधार हो. राष्ट्रीय लोकदल द्वारा आयोजित इस किसान पंचायत में आह्वान किया गया कि हर परिवार से एक सदस्य किसान आंदोलन में शामिल हो . 

पंचायत में यह चार फ़ैसले लिए गए –

1-जो निर्दोष किसान शहीद हुए हैं उनका सम्मान हो। पत्रकारों के विरूद्ध अनैतिक कार्यवाही बंद हो। 

2- जब तक तीन क़ानून वापिस नही होते किसान आंदोलन को बल देने के लिए हर परिवार इस आंदोलन में शामिल हो। 

3- मंडी व्यवस्था में सुधार हो। कोई भी ख़रीद MSP से नीचे नही होनी चाहिए, चाहे कोई भी ख़रीदे। 

4- जिस प्रकार किसानों के मार्ग में दिल्ली में कीले लगाई गई, किसान का अपमान किया गया, उसका बदला वोट की चोट से लिया जाये.

सरकार आंदोलन को बदनाम करने पर तुली – जयंत चौधरी

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने सम्पूर्णानगर, लखीमपुर खीरी के पब्लिक इंटर कॉलेज मैदान में इस पंचायत में किसानों को संबोधित किया.

जयंत चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार  किसान आंदोलन को शुरू से बदनाम करने पर तुली हुई है। किसानों को खालिस्तानी, आतंकी, उपद्रवी कहकर भाजपा ने देश के अन्नदाताओं को अपमानित किया है।

 दिल्ली और लखनऊ से सरकार जो घोषणा करती है वो आपके पास नहीं पहुंचता है।

आपने अपनी मेहनत से जंगलों के बीच से खुद रास्ता बनाया है।

ये सरकर किसानों से बड़ी हो गई है। ये हमें बाटने की कोशिश कर रहे हैं। मैं सरकार को कहना चाहता हूं किसानों की पहचान एक है खून एक है।

दिल्ली की सीमाओं पर 3 महीने से ज्यादा समय से आंदोलन कर रहे हैं बुजुर्ग किसानों को नमन करता हूं।

गन्ना किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि योगी सरकार ने गन्ने का भाव ना बढ़ाकर किसानों की मेहनत का अपमान किया है।

चुनाव के समय 14 दिन में भुगतान करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार में 12000 करोड से ज्यादा गन्ना किसानों का भुगतान बकाया है।

किसानों की आय दुगुनी का वादा करते हैं लेकिन गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया पेट्रोल डीजल बिजली का दाम दोगुना कर दिया।

योगी जी किसान समृद्धि आयोग का गठन करते हैं लेकिन इसकी एक भी बैठक नहीं करते हैं।

जयंत चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए काले कृषि कानूनों से देश का किसान बर्बाद हो जाएगा। जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे तब तक किसान आंदोलन चलता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि , ‘भले ही कोई अब तक मोदी जी को नही समझ पाया हो पर मैं उन्हें समझ गया हूँ। मोदी जी पर एक धुन सवार हैं वो सब कुछ अपने नाम से चाहते हैं जिसके कारण जो सत्तर साल से संस्थाए बनी हैं, सबको ख़राब करके दोबारा बनाना चाहते हैं लेकिन बंनाने की कबलियत उनमे नही हैं। इसलिए नोटबंदी के समय ग़रीबों को सपना दिखाया कि अमीरों से लेकर ग़रीबों में पैसा बाँटा जाएगा।  मैं पूछता हूँ क्या नोटबंदी से आज तक किसी को कोई फ़ायदा हुआ? ‘

जयंत चौधरी ने 2010 में मोदी जी द्वारा सुझाई गई रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया और कहा कि जब उस समय मोदी जी MSP पर क़ानून के पक्ष में थे तो आज वे विरोध में क्यूँ हैं। क्यूँ MSP को क़ानूनी दायरे में नही लाया जाए? 

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