अयोध्या में जमीन खरीद फरोख्त पर माया​वती बोलीं- हाईकोर्ट दे दखल

मायावती ने गुरुवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, 'यह मामला गंभीर है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. हमारी पार्टी चाहेगी कि उच्चतम न्यायालय इसमें दखल दे.'' उन्होंने कहा कि अगर जमीन की खरीद-फरोख्त में कुछ गड़बड़ हुई है तो राज्य सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और केंद्र सरकार को भी इस मामले में हस्तक्षेप करके राज्य सरकार को निर्देश देना चाहिए कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो जमीन की खरीद-फरोख्त को रद्द किया जाए.

अयोध्या में BJP नेताओं के जमीन खरीदने के आरोप पर मायावती ने की अपील

लखनऊ: अयोध्या में जमीन खरीद फरोख्त संबंधी घोटाले को लेकर अब विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिये हैं. अब तक चुप बैठी रहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने भी अयोध्या में नेताओं और अफसरों द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन औने-पौने दामों में खरीदे जाने के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय से इसमें हस्तक्षेप का आग्रह किया है.

अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के निकट की जमीनें कथित रूप से भाजपा के विधायकों, महापौर और प्रशासन के आला अधिकारियों द्वारा औने-पौने दाम में खरीदे जाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद राज्य सरकार ने राजस्व विभाग को मामले की गहराई से जांच करने के आदेश दिए हैं.

मायावती ने गुरुवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह मामला गंभीर है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. हमारी पार्टी चाहेगी कि उच्चतम न्यायालय इसमें दखल दे.”

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उन्होंने कहा कि अगर जमीन की खरीद-फरोख्त में कुछ गड़बड़ हुई है तो राज्य सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और केंद्र सरकार को भी इस मामले में हस्तक्षेप करके राज्य सरकार को निर्देश देना चाहिए कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो जमीन की खरीद-फरोख्त को रद्द किया जाए.

मायावती ने मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने संबंधी विधेयक को संसद में पारित किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा ‘हमारी पार्टी का मत है कि यह बहुत महत्वपूर्ण मामला है और इसको जल्दबाजी में संसद से पारित कराना ठीक नहीं है. संसद में पारित कराने से पहले केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती थी कि वह लोकसभा और राज्यसभा में इस पर खुली बहस कराती. हमारी पार्टी इससे सहमत नहीं है. यह मामला अति गंभीर है.’

विपक्षी पार्टियों के नेताओं के फोन टैप कराए जाने से संबंधित आरोपों के बारे में पूछे गए सवाल पर मायावती ने कहा ‘जब केंद्र में कांग्रेस होती है तो वह भी यही काम करती है. जब भाजपा सत्ता में है तो वह भी यही काम कर रही है. इसमें कहां तक सच्चाई है यह तो मैं नहीं कह सकती हूं लेकिन जब यह आम चर्चा है कि फोन टैप हो रहे हैं तो हो सकता है कि इसमें सच्चाई हो.’

मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में अपनी पार्टी की तैयारियों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को बसपा के उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों के प्रभारियों तथा 75 जिलों के सभी जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में जिलेवार और उसके अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव संबंधी पार्टी की तैयारियों को लेकर सभी जरूरी पहलुओं पर गहन समीक्षा की जाएगी.

इस सवाल पर कि विपक्षी दलों के नेता जगह-जगह रैलियां कर रहे हैं, ऐसे में वह खुद कब मैदान में उतरेंगी? मायावती ने कहा, ‘जो लोग मैदान में इधर-उधर घूम रहे हैं, उन्हें बहुत घबराहट है. जब वक्त आएगा तब आपको बता दिया जाएगा कि मैं कब निकल रही हूं.’

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