मध्य प्रदेश : शिवराज मंत्रिमंडल के बड़े बदलाव के संकेत, सिंधिया से तालमेल की चुनौती

भोपाल।मुख्यमंत्री शिवराज  सिंह चौहान काफ़ी मशक़्क़त के बाद गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे.  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं इस बात का एलान कर दिया है।  मुख्यमंत्री  चौहान ने मीडिया को बताया  कि कल मंत्रिमंडल शपथ ले लेगा।

 मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जारी मंथन के सवाल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कहा कि मंथन से अमृत ही निकलता हैं, विष तो शिव पी जाते है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सीएम शिवराज के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस बयान के बाद साफ संकेत हैं कि इस बार शिवराज मंत्रिमंडल से कई बड़े चेहरे नदारद दिख सकते हैं।

चर्चा है कि  मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा नेतृत्व  मध्यप्रदेश में पार्टी के अंदर नई पीढ़ी के नेताओं को आगे लाने जा रहा है, इसके चलते मंत्रिमंडल से कई बड़े चेहरे नदारद दिख सकते हैं। भाजपा में केंद्रीय स्तर पर बदलाव के बाद अब प्रदेश स्तर पर बड़े बदलाव की बारी है और इसकी शुरूआत मंत्रिमंडल विस्तार से होने जा रही है।

2018 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कई बड़े चेहरे हार गए थे वहीं पहली बार विधायक चुने गए नेताओं की संख्या रीब 70-80 के बीच थी। ऐसे में अब पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व पहली बार चुने गए विधायकों को सरकार में शामिल कर लंबे समय तक मंत्री रहे चुके विधायकों को संगठन में लाने के विकल्प पर  काम कर रहा है।

प्रेक्षकों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिव राज सिंह के लिए अपनी पार्टी की अंदरूनी राजनीति के अलावा कांग्रेस से आए क़द्दावर नेता जयोदिरादित्य सिंधिया को संतुष्ट करना और उनसे तालमेल बिठाना सबसे बड़ी समस्या है. 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

twelve + thirteen =

Related Articles

Back to top button