लखीमपुर हिंसा मामला: क्या न्याय के लिए पर्याप्त है आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी?

आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी से भी संतुष्ट नहीं संयुक्त किसान मोर्चा

किसान संगठनों और जनमत के दबाव में शनिवार को लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या न्याय के लिए यह पर्याप्त है?

सोमवार 11 अक्टूबर को आशीष मिश्रा कोर्ट में सुनवाई होगी. इससे पहले करीब 12 घंटे तक उससे पूछताछ हुई. आशीष पर मर्डर, एक्सीडेंट में मौत, आपराधिक साजिश और लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान कलमबंद दर्ज किए गए हैं. क्राइम ब्रांच में ही आशीष का मेडिकल टेस्ट भी किया गया.

डीआईजी उपेंद्र कुमार ने बताया कि आशीष मिश्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहा. कुछ सवालों के जवाब भी नहीं दे सके इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है. अब कोर्ट में पेश किया जाएगा.

क्राइम ब्रांच की ओर से जारी पहले नोटिस के बाद आशीष नहीं पहुंचा तो क्राइम ब्रांच ने दूसरा नोटिस देकर शनिवार सुबह 11 बजे तक उसे पेश होने का अल्टीमेटम दे दिया था. क्राइम ब्रांच ने पेश न होने की स्थिति में गिरफ्तारी की चेतावनी दी थी.

क्राइम ब्रांच के अल्टीमेटम के बाद हुए पेश

इस चेतावनी के बाद केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा क्राइम ब्रांच के सामने पेश हो गए. बताया जा रहा है कि उन्हें सवालों की कुछ सूची दी गई. इससे पहले शुक्रवार को उनके पिता गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा था कि तबीयत खराब होने की वजह से उनका बेटा अब तक पेश नहीं हो सका था. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भी तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि 302 के आरोपी को आप प्लीज आइए कह कर पेश नहीं करा सकते हैं.

बहरहाल, क्राइम ब्रांच के अल्टीमेटम के बाद दर्जनभर लोगों के हलफनामे के साथ आशीष क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचा, जिसमें कहा गया कि उस वक्त वह दंगल के एक कार्यक्रम में था और घटनास्थल पर मौजूद नहीं था.

केंद्रीय मंत्री ने दी सरकार को धमकी

गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए लखीमपुर खीरी में बीजेपी दफ्तर पर सांसद और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी और आशीष मिश्रा के समर्थक भी जुट गए. बीजेपी दफ्तर पर जुटे पिता पुत्र के समर्थक उनके पक्ष में नारे लगाते रहे. भारी तादाद में वहां बीजेपी समर्थकों का जमावड़ा लगा है.

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने बीजेपी दफ्तर के बालकनी में आकर अपने समर्थन में नारे लगा रहे समर्थकों से शांत हो जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि आशीष को पूछताछ के लिए ले जाया गया है. इस सरकार में निष्पक्ष जांच होगी. ऐसी वैसी कोई बात नहीं है. अगर ऐसी वैसी कोई बात हुई तो हम आपके साथ हैं. अजय मिश्रा के इस बयान को सरकार के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.

क्राइम ब्रांच में आशीष को मिला वीआईपी ट्रीटमेंट

लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: महज आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी को न्याय के लिए पर्याप्त कहा जा सकता है?
आशीष को क्राइम ब्रांच में VIP ट्रीटमेंट मिला. क्राइम ब्रांच में पूछताछ के दौरान 14 बार चाय और नाश्ता अंदर गया.

वहीं, आशीष को क्राइम ब्रांच में VIP ट्रीटमेंट मिला. उसे मेडिकल परीक्षण के लिए लखीमपुर जिला अस्पताल ले जाया गया. इसके लिए इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अखिलेश कुमार क्राइम ब्रांच में पहुंचे और मेडिकल टेस्ट किया गया. इससे पहले आशीष घटना के सातवें दिन शनिवार को क्राइम ब्रांच के सामने सुबह 10:36 पर पेश हुआ. इस दौरान उसने रुमाल से अपना मुंह छिपा रखा था और पिछले दरवाजे से एंट्री की थी.

12 घंटे की पूछताछ में 14 बार भेजा गया चाय-नाश्ता

क्राइम ब्रांच में पूछताछ के दौरान 14 बार चाय और नाश्ता अंदर गया. आशीष मिश्रा के साथ उनके वकील अवधेश सिंह और मंत्री अजय मिश्रा के प्रतिनिधि अरविंद सिंह, संजय और भाजपा के सदर विधायक योगेश वर्मा भी अंदर मौजूद रहे. क्राइम ब्रांच के दफ्तर में SDM सदर भी मौजूद रहे.

पूछताछ में 10 एफिडेविट और एक पेन ड्राइव के साथ दो मोबाइल पेश किए गए. इनसे SIT संतुष्ट नहीं दिखी. बताया जा रहा है कि 13 वीडियो SIT को दिए गए हैं. इनकी जांच फॉरेंसिक एक्सपर्ट करेंगे.

आशीष ने दंगल में होने के वीडियो किए पेश

आशीष से 6 लोगों की टीम ने पूछताछ की. लखीमपुर में क्राइम ब्रांच के दफ्तर में आशीष मिश्रा से मजिस्ट्रेट के सामने सवाल-जवाब किए गए. आशीष अपने वकील के साथ मौजूद रहा. पूछताछ में डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और लखीमपुर के एसडीएम भी शामिल रहे.

आशीष मिश्रा ने अपने पक्ष में कई वीडियो पेश किए. उन्होंने 10 लोगों के बयान का हलफनामा भी पेश किया, जो बताते हैं कि वो काफिले के साथ नहीं था, दंगल मैदान में था. आशीष मिश्रा के समर्थकों ने बीजेपी कार्यालय के बाहर नारेबाजी के दौरान भी ये नारे लगाए कि आशीष भैया दंगल में थे. समर्थकों ने यह भी कहा कि घटनास्थल पर किसानों के रूप में आतंकवादी थे.

15, 18 और 26 अक्तूबर को देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा करेगा विरोध

संयुक्त किसान मोर्चा लगातार मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है. किसान अजय मिश्र को मंत्री पद से हटाने और आशीष मिश्रा को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे. मोर्चे ने इस घटना को लेकर आगे के कार्यक्रमों का भी ऐलान किया है.

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में 15 अक्तूबर को दशहरा पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में 15 अक्तूबर को दशहरा पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंकेंगे. लखीमपुर खीरी की घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 15 अक्तूबर को पुतला दहन होगा. 

शाम आठ बजे पांच मोमबत्ती जलाइए

किसान नेता योगेंद्र यादव ने देश के लोगों से कहा कि आपलोग तिकुनिया नहीं पहुंच सकते, आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते, कैंडल मार्च में नहीं आ सकते, लेकिन अपने घर में ही शाम आठ बजे पांच मोमबत्ती जलाइए, उन अन्नदाताओं को याद करके जिन्होंने शहादत दी है. 12 अक्तूबर को तिकुनिया से शहीद किसानों की अस्थि कलश रवाना होगी. 

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक गृह राज्य मंत्री और उसका बेटा गिरफ्तार नहीं हो जाता, तब तक यहां की जांच पूरी नहीं हो सकती. हमारा यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक संघर्ष से समाधान नहीं हो जाता.

संयुक्त किसान मोर्चा के प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को भी सरकार से हटाया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने इस साजिश को शुरू किया और मामले में दोषियों को बचा रहे हैं. बता दें कि लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है. 

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