मंगलवार को करनाल में किसान पंचायत होगी

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि मंगलवार 7 सितंबर को सुबह 10 बजे करनाल की अनाज मंडी में किसानों की पंचायत पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। 

देर रात जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार ,”मोर्चे ने अफसोस प्रकट किया की हरियाणा सरकार ने शहीद सुशील काजल और अन्य घायल किसानों को मुआवजा देने की बजाय उन्हें अपराधी ठहराने की कोशिश की है। किसानों के सर फोड़ने का हुक्म देने वाले अफसर के खिलाफ कार्यवाही करने की बजाय सरकार ने उन्हें इनाम दिया है। इसलिए इसके विरोध में होने वाली पंचायत आयोजित की जाएगी संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी किसानों को आह्वान किया है कि वह सरकारी दमन का विरोध करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में 10 बजे अनाज मंडी करनाल पहुंचे।”

समन्वय समिति, संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बी एस राजेवाल, दर्शन पाल, हन्नान मौला, जोगिंदर सिंह उग्राहन, जगजीत सिंह दल्लेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, योगेंद्र यादव, युद्धवीर सिंह  और शिव कुमार शर्मा “कक्काजी” ने यह अपील जारी की है. 

हर हालत में शांति की अपील

मोर्चे ने सभी किसानों से हर हालत में शांति बनाए रखने की अपील की है। बयान में कहा गया है कि किसान आंदोलन से बौखलाई हरियाणा सरकार के पास अब एक ही हथकंडा बचा है कि वह किसी तरह किसान आंदोलन में हिंसा करवा कर उसे बदनाम करें। इसलिए किसानों को विशेष रूप से सजग रहना होगा कि वह सरकार और उसके एजेंटों को ऐसी कोई हरकत करने का कोई मौका ना दें, किसी तरह की हिंसा की गुंजाइश न होने दें।

28 अगस्त को शांतिपूर्ण किसानों के खिलाफ प्रशासनिक हिंसा
28 अगस्त को शांतिपूर्ण किसानों के खिलाफ प्रशासनिक हिंसा

बयान में कहा गया है कि 28 अगस्त को शांतिपूर्ण किसानों के खिलाफ प्रशासनिक हिंसा के बाद, जिसके परिणामस्वरूप एक किसान, शहीद सुशील काजल की मौत, और अनगिनत किसान घायल हुए, किसानों ने हरियाणा सरकार को एसडीएम और अन्य अधिकारियों, जो किसानों के ‘सर फोड़ने’ का आदेश देते हुए देखे गए थे, के खिलाफ कार्रवाई करने का अल्टीमेटम जारी किया था। 

किसानों ने मांग की थी कि अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए और एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए, साथ ही शहीद काजल के परिवार को 25 लाख रुपये और राज्य हिंसा में घायल हुए किसानों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

 अल्टीमेटम की समय सीमा आज यानी 6 सितंबर तक थी, जिसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी दी थी।चूंकि खट्टर सरकार ने किसानों की मांगों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, और इसके बजाय एसडीएम की करतूत का समर्थन किया है, किसानों ने विरोध के लिए अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का फैसला किया। 

इसी सिलसिले में मंगलवार को करनाल में एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। किसान अनाज मंडी में जुटेंगे और फिर लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। एक शर्मनाक और कायरतापूर्ण कृत्य में, करनाल के जिला प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है और इंटरनेट बंद कर दिया है, और प्रदर्शनकारियों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज करने की धमकी दी है। एसकेएम ने कहा कि इन दमनकारी कदमों से उन किसानों का हौसला नहीं टूटेगा, जिन्होंने पिछले 10 महीनों से इस अत्याचार को झेला है।

मंडियों के  राजस्व में भारी गिरावट

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के सवाल कि, “पिछले दो वर्षों में कौन सी मंडी बंद हो गई” के जवाब में, एस के एम ने मंत्री को याद दिलाया कि पिछले एक वर्ष में, कृषि कानून लाए जाने के बाद, देश भर की मंडियों ने अपने राजस्व में भारी गिरावट देखी है। मप्र में, कृषि विपणन बोर्ड को राजस्व का 66% नुकसान हुआ, और उसने मंडी क्षेत्र को किराए पर देना शुरू कर दिया है। यूपी के मंत्री श्रीराम चौहान ने यूपी विधानसभा को सूचित किया कि नए कानून पारित होने के बाद मंडियों को राजस्व का नुकसान हुआ है, और सरकार ने नई एपीएमसी मंडियों का निर्माण रोक दिया है।

खाद-बीज भी कॉर्पोरेट को

इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री अमेज़न इंडिया के किसान स्टोर के उदघाटन में व्यस्त हैं। फसल और बीमा के बाद सरकार ने अब खाद-बीज भी कॉर्पोरेट को सौंप दिया है। इफको जो यूरिया 45 किलो के 266.50 रुपये में बेचता है, वह अमेज़न पर 199 रुपये किलो बिक रहा है। फ्लिपकार्ट पर 450 ग्राम यूरिया की कीमत 130 रुपये लिखी गई है। एसकेएम ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा लॉन्च किए गए प्लेटफॉर्म पर उर्वरकों की खुली कालाबाजारी हो रही है ,जो आपराधिक कृत्य है।

भाजपा नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

भाजपा नेताओं के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। पंजाब के संगरूर में किसानों ने भाजपा के जिलाध्यक्ष के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया, जहां भाजपा की बैठक हो रही थी। पंजाब के भठिंडा में किसानों ने एक होटल का घेराव किया जहां भाजपा की जिला इकाई की बैठक हो रही थी। हरियाणा में झरौदी गांव के पास एक फार्महाउस पर जजपा नेताओं की बैठक के विरोध में किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। एसकेएम ने भाजपा और सहयोगी दलों के सभी आयोजनों का विरोध करने के लिए अपना फैसले को पुनः दोहराया है।

एसकेएम पंजाब के भाजपा नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल के कार्यों की निंदा करता है जिन्होंने एक टीवी रिपोर्टर के साथ दुर्व्यवहार किया। श्री ग्रेवाल मीडिया में किसानों के खिलाफ लगातार अपशब्द बोलते रहे हैं। इस तरह की हरकतें भाजपा नेताओं की महिला-विरोधी और किसान-विरोधी चरित्र को उजागर करती हैं। 

ईमानदारी से रिपोर्ट करने का आह्वान

इस बीच, राकेश टिकैत के भाषण की एक छोटी क्लिप सांप्रदायिक इरादे से प्रसारित की जा रही है। एसकेएम गोदी मीडिया और भाजपा आईटी सेल के इस कृत्य की निंदा करता है। पूरे भाषण में राकेश टिकैत को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हम हिंदू-मुस्लिम एकता का आह्वान करेंगे। एसकेएम ने मीडिया से ईमानदारी से रिपोर्ट करने का आह्वान किया है।

आंदोलन नए जोश और नई ऊर्जा के साथ

बयान में कहा गया है कि मुजफ्फरनगर किसान-मजदूर महापंचायत की सफलता के बाद नए जोश और नई ऊर्जा के साथ किसान आंदोलन तेजी से आगे बढ़ेगा। आने वाले दिनों में इस तरह के और कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ में किसान मजदूर महासंघ द्वारा 28 सितंबर को राजिम में आयोजित किसान महापंचायत भी शामिल है। 

इस बीच, किसान संगठनों द्वारा किसानों के खिलाफ फर्जी मामलों को वापस लेने के लिए पंजाब सरकार को जारी की गई समय सीमा 8 सितंबर को समाप्त हो रही है, जिसके बाद किसान पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे।

मिशन उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड

एसकेएम द्वारा शुरू किया गया मिशन उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड दोनों राज्यों में किसान आंदोलन को आगे बढ़ाएगा और आगामी चुनावों में भाजपा को हराएगा। किसानों ने आंदोलन की मशाल को पूरे देश में ले जाने और किसानों को उनका हक मिलने तक इस आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया है. 

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