कोरोना से बचाव की जंग मे कालानमक चावल रामबाण- वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, प्रो0एलसी वर्मा

मज़हर  आज़ाद, पत्रकार, बस्ती 

सिद्धार्थनगर। कोरोना से बचाव की जंग में कालानमक चावल रामबाण साबित होगा। शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता को बढ़ाने में यह सहयोग प्रदान करेगा। विश्व के सभी राष्ट्र दवा की खोज में जुटे हैं। अभी तक कोई कारगर दवा नहीं मिल सकी है। लेकिन एक निष्कर्ष पर सभी एक राय है कि बचाव का एकमात्र उपाय है कि स्वस्थ रहें। शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता अगर दुरुस्त रहेगी तो यह वायरस असर नहीं करेगा। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लौह, जस्ता, प्रोटीन और विटामिन का विशेष महत्व है। भोजन में इनकी मात्रा होनी चाहिए। जांच में साबित हो चुका है कि कालानमक चावल में यह तत्व मौजूद है। कालानमक चावल का सेवन करने से शरीर को जरूरी तत्व मिलते हैं। जांच में भी यह सामने आया है।

कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सोहना डा. एलसी वर्मा ने बताया कि कालानमक धान की अधिकांश खेती जिले के शोहरतगढ़ व नौगढ़ तहसील के कुछ हिस्सों में किसान करते हैं। यह कपिलवस्तु से सटा इलाका है। इसे मेटुका क्षेत्र भी कहते हैं। यहा ताल व पोखरों की संख्या अधिक है। भूमि व पानी से आवश्यक तत्व मिलते रहते हैं। यहां पैदा होने वाले धान सुगंधित होते है।

वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, प्रो0एलसी वर्मा

बरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रो0एलसी वर्मा ने कहा की काला नमक एक सेंटेड धान है जो 6 सीसी पूर्व गौतम बुध के समय से चला आ रहा है। यहां पर लोग उसको प्रसाद के रूप में जानते हैं। कृषि एरिया 10 हेक्टेयर 10 परसेंट की एक बोरी चावल है। लेकिन बौनी प्रजाति मे आने के कारण और मार्केटिंग सही ना होने के कारण यह घटकर मात्र 2 परसेंट हो गई। लेकिन कृषि विज्ञान के सिद्धार्थनगर के माध्यम से एथली ओएफपी जो प्राय: किसानों के खेत में लगा कर उनको आकर्षित किया गया और यह दो प्रतिशत से बढ़कर 6 परसेंट हो गई है करीब 15 हजार हेक्टेयर मे इसकी खेती होती है। जहां तक बात इसके पोषक तत्वों की है तो इसमें जिंक और आयरन की मात्रा सबसे अधिक होती है जबकि तराई में होने के कारण सामान्य रूप से फसलों में इन तत्वों की कमी पाई जाती है लेकिन काला नमक में जिंक और आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसे जो हमारे देश दुनिया में कोविड-19 की महामारी फैली हुई है। इससे बचाव मे बहुत कारगर साबित होता है। यह एक बूस्टर की तरह काम करता है।

शरीर में यूनिटी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और सरकार द्वारा एक प्रॉडक्ट्स एक उत्पाद, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट्स के रूप मे प्रदर्शित किया गया है। उत्तर प्रदेश के द्वारा सेंटिज रायता पर्व तथा डब्लू एच ओ द्वारा इसको राईस आफ द वर्ड की सज्ञा दी गई है। हमारे केन्द्र से हर साल कृषक ससक्त परिक्षण तथा फ़्रंट लाइन के माध्यम से अग्रिम पथ प्रदर्शक के अन्तर्गत किसानो के प्रक्षेप के अन्तर्गत ट्रायल कराया जाता है। प्रदर्शन कराया जाता है। इससे किसानों मे रूचि बढ़ रही है और ये आज कल काला नमक का ज्यादा तर एरिया मे प्रचार प्रसार हो रहा है। हम ये देख रहे है की काला नमक के लिये किसानो से बारिंग सेप्ट्रिग रूप से सीड प्रॉडक्टशन भी कर है किसान जितना सीड प्रॉडक्टशन करते है उनको उतना ही कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से उनकी बिक्री करवाते है। इससे किसानो को प्रोत्साहन मिलता है और इससे खेती बढ़ा रहे है।

सोहना गांव पूर्व कृषि मंत्री स्व0 भानुप्रताप सिंह का गांव है जिनकी मान्यता राष्ट्रीय स्तर के कृषकों मे रही है। कयी अवसरों पर उन्हें कृषि क्षेत्र में राष्ट्रपति ने पुरस्कृत किया है।

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