ऐतिहासिक : उप्र सहकारी चीनी मिलें पहली बार किसानों को शेयर प्रमाणपत्र देंगी 

(मीडिया  स्वराज़ डेस्क)

लखनऊ.प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी/ निबन्धक, सहकारी गन्ना समितियां एवं चीनी मिल समितियाँ, संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि सहकारी गन्ना/चीनी मिल समितियों की कार्यप्रणाली को पूर्ण पारदर्शी  एवं जवाबदेह बनाने के लिए अंश धारक कृषक सदस्यों को शेयर प्रमाण-पत्र जारी किये जाने का निर्देश  दिये गये  हैं। अंश धारक कृषकों को अंश प्रमाण-पत्र वितरण हेतु अभियान चलाने का निर्णय प्रदेश के इतिहास में प्रथम बार लिया गया है। अंश प्रमाण-पत्र प्राप्त होने पर गन्ना कृषकों का गन्ना समितियों चीनी मिल समितियों की वित्तीय प्रणाली पर विश्वास दृढ़ होगा तथा इससे सभी हित धारक पक्षों को पूर्ण लगन के साथ इन समितियों के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रेरणा प्राप्त होगी।

इन अंश प्रमाण पत्रों का लेखा जोखा रखने के लिये शेयर अंश  फीडिंग की व्यवस्था विभागीय ई.आर.पी. पर भी कराये जाने हेतु माॅड्यूल विकसित कराये गये हैं, जिसके क्रम में सभी सहकारी गन्ना समितियों द्वारा ई.आर.पी. माॅड्यूल पर फीडिंग कार्य प्रारम्भ करते हुए 77 प्रतिशत  फीडिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन सभी सदस्यों को जो नियमित सदस्य होने की अर्हता रखते हों तथा न्यूनतम अंश  जमा किये हुए एक वर्ष हो गया हो तो उपविधियों में दी गयी व्यवस्था के अन्तर्गत शेयर प्रमाण-पत्र जारी किये जायेंगे।

 प्रदेश  की सभी 169 गन्ना समितियों मे 56.73 लाख पंजीकृत सदस्यों में से 52.96 लाख कुल शेयर धारक सदस्य है, जिनके द्वारा रू.113.20 करोड़ का अंश  जमा किया गया है, जिनमें से 40.71 लाख शेयर धारक सदस्यों के रू.81.07 करोड़ के शेयर अंश  का फीडिंग कार्य पूर्ण हो चुका है जो  77 प्रतिशत  है। इनका वितरण शीघ्र ही प्रारम्भ हो जायेगा।श्री भूसरेड्डी ने सभी 24 चीनी मिल समितियों के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सभी चीनी मिल समितियों मे कुल अंश  धारकों की संख्या 11.28 लाख है जिनके द्वारा कुल रू.160.53 करोड़ अंश  धन जमा किया गया है जिनमें  से 9.05 लाख सदस्यों को रू.118. धारकों को अंश प्रमाण-पत्र वितरित किये जा चुके है। शेष अंश प्रमाण-पत्रों का वितरण भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जायेगा।

इसे ठीक  से समझने के लिए कृपया अंग्रेज़ी की पूरी प्रेस विज्ञप्ति देखें 

PRESS-NOTE

Cane Commissioner issued instructions to the  Cooperative Cane /Sugar Mill Societies of the State, for distribution of share certificates to all the shareholder farmer members

  • Following, the policy of transparency in administration, share certificates will be issued to all registered shareholders. 
  • Cane Societies have completed 77% of the share money feeding work on ERP module.
  • Sugar Mill Societies distributed share certificates to 80 percent shareholder farmer members.

Lucknow: 20 June, 2020

Commissioner, Cane and Sugar/Registrar, Cooperative cane and Sugar Mill Societies, Uttar Pradesh Shri Sanjay R. Bhoosreddy said that in order to make the functioning of cooperative cane/sugar mill societies fully transparent and accountable, instructions have been given to issue share certificate to shareholder farmers. For updating the records of these share certificates, the modules of share feeding in departmental ERP system have been developed. In order to this, all Cooperative Cane Societies have been completed 77% of the feeding work on ERP module. 

Share certificate will be issued as per the arrangements given in the bye-laws of Societies, to all the eligible shareholders members who have deposited share money atleast one year before. In 169 Cane cooperative societies of the state 52.96 lakh are the total shareholders out of 56.73 lakh registered members, who have deposited share money of Rs.113.20 crores. Out of which, Rs. 81.07 crores share money feeding work of the 40.71 lakhs share holder members has been completed which is 77%. Share certificate distribution will be done very soon.

Giving detailed information about all the 24 sugar mill societies of the state, Shri Bhoosreddy said that the total number of shareholders of all the sugar mill societies is 11.28 lakhs, by which a total amount of Rs.160.53 crore share money has been deposited. Out of which, the share certificates worth Rs.118.26 crore have been distributed to the 9.05 lakh members farmers, that means  share certificates have been distributed to 80 percent of the shareholder farmers. Distribution of remaining share certificates will also be completed very soon.

It is also noteworthy that for the first time in the history of the State, this decision has been taken to launch the campaign for distribution of share certificates to shareholder farmers. On receipt of the share certificate, the sugarcane farmers’ faith in the financial system of cane societies/sugar mill societies will be strengthened and this will inspire all the stakeholders to involve them with full dedication in strengthening the societies.

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