ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ कैसे सुधरें

Epi 19                 ( 23 मई 20)

कोरोना काल में आयुर्वेद परिचर्चा के 19 वें एपीसोड में आज का विषय है भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ. इसमें दो राय नहीं है कि ग्रामीण इलाक़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर संकट है . पर सवाल है कि इन्हें कैसे सुधारा जाये .

2011 के जनगणना के अनुसार भारत की 72 प्रतिशत आबादी गाँवों मे रहती है,जहाँ स्वास्थ्य सुविधायें आज भी पर्याप्त नहीं पहुँच पायीं है।आज महामारी काल में जिसका जायजा लेने के लिए आज कोरोना काल में आयुर्वेद परिचर्चा के 19 वें एपीसोड में वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी एवं ईस्टर्न साइंटिस्ट के संपादक डॉ आर.अचल के साथ चित्रकूट से डॉ मदन गोपाल वाजपेयी,जोधपुर से डॉ वेदप्रकाश त्यागी,आईएसएम बीएचयू वाराणसी के प्रो.ओम शंकर,पूर्वविधान सदस्य एवं चिकित्सक डॉ अनिल चौधरी,रायपुर छत्तीसगढ़ से आयुर्वेद उप निदेशक डॉ सुनील कुमार दास ।

परिचर्चा रात साढ़े आठ बजे प्रारंभ होगी . सुनने का लिंक नीचे है . चर्चा में शामिल लोगों का पैनल :

रामदत्त त्रिपाठी, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रकारराजनीतिक विश्लेषक सामाजिक कार्यकर्ता विधिवेत्ता  और सूचना संचार के विशेषज्ञ हैं. 

राम दत्त त्रिपाठी ने 1992 से 2013 इक्कीस वर्षों तक बी बी सी लंदन के लिए कार्य किया और वह एक प्रकार से भारत मे बी बी सी की पहचान बन गये.

वह उन गिने चुने पत्रकारों में से हैं , जो समाज सेवा के मिशन के लिए पत्रकारिता में आये.श्री त्रिपाठी युवावस्था में सर्वोदय और जे पी आंदोलन से जुड़े और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते इमरजेंसी के दौरान जेल में रहे।

वक्ता

नंदिनी प्रियदर्शिनी पाठक

डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी

दिव्य चिकित्सा भवन पनगराबाँदा पूर्व उपाध्यक्ष भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तर प्रदेश,

प्रो.डा. ओम शंकर 

प्रो. हृदयरोग विभाग आईएसएस बीएचयू वाराणसी

एक्टिविस्ट सोलर वर्कर

डा.अनिल चौधरी 

एमबीबीएस   स.ना.मेडिकल कॉलेज आगरा। पूर्व सदस्य विधानसभा

डॉ.सुनील कुमार दास

उपसंचालक आयुष विभाग छत्तीसगढ़ 

डॉ.आर.अचल

आयुर्वेद चिकित्सक

मुख्यसंपादक-ईस्टर्न साइन्टिस्ट जर्नल,क्षेत्रीय संपादक-साइंस इण्डिया मासिक(भोपाल)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

seven − 6 =

Related Articles

Back to top button