चिकित्सा में डाक्टरों और इंजीनियर्स को मिलकर काम करना होगा

एस जी पी जी आई लखनऊ में रिसर्च पर ज़ोर

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में रोगी के इलाज और सेवा एक अलावा रिसर्च पर ज़ोर देने की ज़रूरत है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में डाक्टरों और इंजीनियर्स को मिलकर कम करना पड़ेगा. 

इस तरह के विचार लखनऊ में संजय गांधी पीजीआई संस्थान का प्रथम शोध दिवस ( 13 दिसंबर ) पर विचार गोष्ठी में व्यक्त किए गए. गया. 

 ILBS, नयी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर एस के  सरीन ने “India Needs Hybrid Clinicians” विषय पर स्पष्ट  किया कि भारत मे एक डॉक्टर रोगी  सेवा के क्षेत्र में ही प्रशिक्षण प्राप्त करता है, किंतु एमडी , पीएचडी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करके रिसर्च और रोगी  सेवा दोनों को ही पुष्ट किया जा सकता है। 

इंटरडिसीप्लिनरी  अप्रोच के द्वारा हम एक विशेषज्ञ डॉक्टर,विशेषज्ञ शोधकर्ता और विशेषज्ञ जैवविज्ञानी बन सकते हैं। 

पीजीआई चंडीगढ़ के डाक्टर अरुनालोक चक्रवर्ती ने  बहुत ही रोचक तरीके से  स्पष्ट किया कि संकाय सदस्यों को शोध के कार्य क्यों करने चाहिए। 

 उन्होंने कहा कि एक प्रख्यात संकाय सदस्य अपनी  विधा में सफल और प्रसिद्ध होता ही है, किंतु शोध के द्वारा वह अपने विभाग, अपने संस्थान और अपने देश को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्रदान कर सकता है। 

निदेशक IIITNR, नया रायपुर, डाक्टर प्रदीप कुमार सिन्हा  ने  इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए कि क्यों 21वीं शताब्दी में इंजीनियर और डॉक्टर को आने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक साथ काम करना चाहिए

लगभग  60 से ज्यादा संकाय सदस्यों ने पिछले 3 वर्षों में किए गए उनके शोध कार्य को प्रस्तुत किया । संजय गांधी पीजीआई, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और राम मनोहर लोहिया संस्थान के शीर्ष चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने इनका आकलन किया और उत्कृष्ट पत्रों के रूप में 11 पेपर्स का चयन किया। 

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ने सभी का स्वागत किया और  मौलिक और  क्लीनिकल रिसर्च को बढ़ाने पर बल दिया।  उन्होंने कहा शोध के लिए आवंटित अनुदान राशि ( intramural grants) को बढ़ाया जाएगा और सामान्य लैबोरेट्री की सुविधाएं भी सशक्त की जाएंगी।

सभी  वक्ताओं ने अपने अपने स्थान से  Virtually व्याख्यान दिये। 

 कार्यक्रम का  संचालन प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद द्वारा किया गया।

इसके पश्चात  open house discussion हुआ जिसमें प्रतिभागियो द्वारा पूछे गए अनेक  प्रश्नों के उत्तर दिए गए। 

 इसका संचालन संकाय प्रभारी, शोध डॉक्टर उदय सी घोषाल  द्वारा किया गया। संस्थान के 37वे  स्थापना दिवस के अवसर पर 14 दिसंबर को 11 चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाएगा। 

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के संकाय अध्यक्ष, प्रोफेसर एस के मिश्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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