जिसमें गलती स्वीकार करने की हिम्मत हो, वही दिखाता है समाज को रास्ता- रमेश शर्मा

जीवनशाला मनबसा व शिक्षा निकेतन गोविन्दपुर के विद्यार्थियों से रूबरू हुए गांधी चिंतक और विचारक रमेश शर्मा

सोनभद्र के गोविन्दपुर में आज दिनांक 9 नवंबर 2021 को गांधी चिंतक और विचारक रमेश शर्मा आश्रम विद्यालय गोविन्दपुर व मनबसा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। गोविन्दपुर के बनवासी सेवा आश्रम के देवनाथ भाई ने यह जानकारी दी।

देश भर के युवाओं के प्रेरणास्रोत रमेश शर्मा ने छात्रों के बीच विचार गोष्ठी का आयोजन कर गीत के माध्यम से उंन्हें गांधी के विचारों और उनके जीवन से जुड़ी अहम और मौलिक जानकारियां दीं।

शर्मा ने कहा कि बच्चों से गलतियां अक्सर होती हैं। उस गलती को स्वीकारना और उसे पुनः न दुहराने वाला समाज को नई दिशा दिखता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मानसिक बोझ से बचना चाहिए और उनमें अभिव्यक्ति का विकास होना चाहिए। कहा कि गांधी ने पैसे चुराए, बीड़ी पिये, शिक्षक के इशारे पर नकल नहीं की और उसे स्वीकारा भी। आज हम गलती कर के दस झूठ बोलते हैं। इससे व्यक्तित्व का विकास रुक जाता है।

कहा कि अगर ट्रेन यात्रा में गांधी ने टीटी की बात मान ली होती तो आज वे गांधी नहीं होते। उन्होंने अपने मुव्वकिल की गलती को भी एक वकील के हैसियत से स्वीकारा, ऐसा वकील आज हो जो गलती माने तो कोर्ट को बहुत आसानी होगी।

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कहा कि छात्रों को प्रतिभा निखारने के लिए गीत, भाषण, खेल और किताबों का गहराई से अध्ययन करना चाहिए। समय से पहले बड़ा होने की चिंता से मुक्त होना चाहिए। इस अवसर पर इन्दू बहन, सर्वजीत सिंह, विजय कुमार कमलेश सिंह, मीना सिंह, अजय झा आदि शिक्षक मैजूद रहे।

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