कोरोना गाइडलाइन के नाम पर वसूली से व्यापारियों में आक्रोश

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगतार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने कोरोना गाइड लाइन जारी की है। इस गाइड लाइन का सभी को पालन करना अनिवार्य है। लेकिन अब इसी गाइडलाइन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। व्यापारियों का आरोप है कि इस गाइड लाइन का हवाला देकर जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। दुकानदारों पर भारी-भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। उनसे थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि उपकरण न रखने के नाम पर भारी वसूली की जा रही है, इस बात को लेकर व्यापारी वर्ग बेहद आक्रोशित है।

जानकारी के मुताबिक राजधानी में गुरुवार को जिलाधिकरी अभिषेक प्रकाश ने कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्‍होंने इंदिरानगर और गाजीपुर थाना क्षेत्र में कोरोना गाइडलाइन के उल्‍लंघन पर दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया। हर दुकानदार से दस-दस हजार रुपये की जुर्माना राशि जमा कराई गई। सभी का धारा 188 के अंतर्गत चालान भी किया गया। जिलाधिकारी ने सभी दुकानदारों को आगे से थर्मल स्‍कैनर, सैनिटाइजर आदि का इंतजाम रखने और सोशल डिस्‍टेंसिंग का आवश्‍यक रूप से पालन करवाने के निर्देश दिए। वहीं कई दुकानदार डीएम के सख्‍त निरीक्षण की खबर सुनकर दुकानें बंद कर भाग गए।

आपको बता दें कि राजधानी के चार थाना क्षेत्रों इंदिरानगर, गाजीपुर, आशियाना और सरोजिनीनगर में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। इन क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी अन्‍य अधिकारियों के साथ खुद पहुंचे। वहां उन्‍होंने ग्रॉसरी शॉप में आने जाने वाले लोगों का विवरण न रखने, थर्मल स्‍कैनर के बिना ही दुकान संचालित करने पर हरियाणा स्‍टोर, दिल्‍ली स्‍टोर, बाबा किराना स्‍टोर, चंद्रा स्‍टोर समेत कई दुकानों पर जुर्माना लगाने के साथ साथ एपेडिमिक एक्‍ट के तहत कार्रवाई भी की। उन्‍होंने कंटेनमेंट जोन में आने-जाने वाले लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।डीएम अभिषेक प्रकाश ने अरावली मार्केट में यश मेडिकल स्‍टोर पहुंचकर जब दुकानदार से थर्मल स्‍कैनर और कस्‍टमर का विवरण रजिस्‍टर दिखाने को कहा तो दुकानदार ये सभी उपकरण नहीं दिख सके। इस पर जिलाधिकरी ने वहीं स्थित अन्‍य दुकानों पर जाकर थर्मल स्‍कैनर व ग्राहकों के विवरण संबंधी जानकारी की। इस पर दुकानदार कुछ भी नहीं बता पाए। तो जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने सभी दुकानदारों का दस-दस हजार रुपये का चालान किया। इसके साथ-साथ उन्‍होंने पुलिस अधिकारियों से भी कंटेनमेंट जोन में अनावश्‍यक रूप से घूमने वाले लोगों का भी चालान करने का निर्देश दिया।

ऐसे में व्यापारियों का कहना है कि छोटी सी दुकान पर बैठे दुकानदार अपनी दुकान संभाले या ये सब करें। दुकानों में अगर कस्टमर मास्क लगाकर आ रहा है तो उसे पर्याप्त माना जाना चाहिए। लेकिन थर्मल स्कैनिंग आदि का नियम लागू करना बिल्कुल गलत है। इसके नाम पर हो रही वसूली पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

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