तेजस्वी के घोषणापत्र में रोजगार सबसे प्रमुख वादा

पटना। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल का घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र को ‘प्रण हमारा संकल्प बदलाव का’.नाम दिया गया है। इसमें 17 मुद्दों के शामिल किया गया है जिसमें सबसे ऊपर रोजगार, कृषि, उद्योग और शिक्षा को जगह दी गयी है।

घोषणापत्र जारी करते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा वाले बतायें कि उनका मुख्यमंत्री का चेहरा कौन है, नीतीश कुमार हैं? नीतीश कुमार ने तो 10 लाख नौकरियों पर ही हाथ खड़े कर दिये थे कि कहाँ से देंगे। तो भाजपा कहाँ से देगी, नेतृत्व तो नीतीश कुमार कर रहे हैं, तो ये बेवकूफ किसे बना रहे हैं।

घोषणापत्र के वादे

नये स्थायी पदों का सृजन कर कुल 10 लाख नौकरियों की समयबद्ध बहाली की प्रक्रिया पहले ही कैबिनेट बैठक में पहली दस्तखत के साथ शुरू होगी।

संविदा प्रथा को समाप्त कर सभी कर्मचारियों को स्थायी कर समान काम समान वेतन दिया जायेगा और सभी विभागों में निजीकरण को समाप्त किया जायेगा।

रोजगार सृजन के उद्योगों को प्रोत्साहन हेतु नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत प्रभावी टैक्स डिफरेंट एवं टैक्स वेइवर स्कीम लायी जायेगी, जिसमें नये उद्योगों की स्थापना के अंतर्गत किये गये निवेश में सब्सिडी एवं अधिक रोपित करों में एक निश्चित अवधि तक छूट दी जायेगी।

नियोजित शिक्षकों को वेतनमान कार्यपालक सहायकों, लाइब्रेरियन, उर्दू शिक्षकों की बहाली की जायेगी। राज्य के मूल निवासी युवाओं के भी सरकारी बहाली परीक्षाओं में फॉर्म निशुल्क होंगे तथा राज्य में गृह जिला से परीक्षा केंद्र तक की यात्रा मुक्त होगी।

कार्यालय सहायक, सांख्यिकी स्वयंसेवक, लाइब्रेरियन, उर्दू शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, आशा कर्मी, ग्रामीण चिकित्सकों, जीविका दीदियों की मांगों को पूरा किया जायेगा।

हेल्थ केयर सेक्टर में निजी एवं असंगठित क्षेत्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष नौकरियों व परोक्ष रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जायेंगे।

जीविका कैडरों को नियमित वेतनमान पर स्थाई नौकरी के साथ समूहों के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण देंगे।

कॉरपोरेट जगत के तकनीकी प्रशिक्षकों की देखरेख में सरकारी निर्देशानुसार कौशल विकास केंद्रों की स्थापना होगी जहां परंपरागत कौशल के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रश्न कौशल सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।

हर जिले में रोजगार केंद्रों की स्थापना होगी अधिकतम 200 दिनों में कौशल योग्यता अनुरूप निजी व सरकारी उपक्रम में रोजगार देने अथवा रोजगार के विकल्प उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होगी।

रोजगार प्रक्रिया में गैर-सरकारी बिचौलियों एजेंसियों को हटाकर सीधा युवाओं को लाभ दिया जायेगा।

श्रमिकों के हित में सरकारी विभागों उपक्रमों को निजी हाथों में जाने से रोकने का प्रावधान किया जायेगा।

बिहार में किसान आयोग, व्यवसायी आयोग, युवा आयोग और खेल आयोग का गठन किया जायेगा।

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