कोविड टीकाकरण के तहत दी गई खुराकों की संख्या 100 करोड़ पहुंचने पर देश में खादी का सबसे बड़ा तिरंगा बृहस्पतिवार को लाल किले पर फहराया गया. इस तिरंगे की लंबाई 225 फुट और चौड़ाई 150 फुट है. इसका वजन लगभग 1,400 किलोग्राम है. यही तिरंगा दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर लेह में फहराया गया था.
सुषमाश्री
भारत में कोविड-19 टीकों की अब तक दी गई खुराकों की संख्या बृहस्पतिवार को 100 करोड़ के पार चली गई और इसी के साथ देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ अपने टीकाकरण कार्यक्रम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक दी गई खुराक की संख्या 100 करोड़ के पार होने पर कहा कि भारत ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने टीकाकरण की इस उपलब्धि को भारतीय विज्ञान, उद्यमों और 130 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना की जीत करार दिया.
देश के यह उपलब्धि हासिल करने के मौके पर पीएम मोदी राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे. उन्होंने वहां अस्पताल के अधिकारियों, कर्मियों और कुछ लाभार्थियों के साथ बातचीत की. इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी उनके साथ मौजूद थे.
मांडविया ने एक ट्वीट करके देश को यह उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व का परिणाम है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने देश को दी बधाई
उन्होंने लिखा, ‘‘बधाई हो भारत! यह दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थ नेतृत्व का प्रतिफल है.’’ देश में कोविड टीकाकरण की संख्या 100 करोड़ के पार जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लाल किले पर देश का सबसे बड़ा खादी का तिरंग फहराया, जिसका वजन 1400 किग्रा है. साथ ही इसकी लंबाई 225 फुट और चौड़ाई 150 फुट है. तिरंगे के साथ लाल किले से ही मांडविया ने गायक कैलाश खेर की आवाज में एक नया गीत और फिल्म भी जारी किया.
दक्षिण-पूर्व एशिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने इस उपलब्धि के लिए देश को बधाई देते हुए कहा कि यह मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के बिना संभव नहीं था.
उन्होंने कहा, ‘‘भारत को एक और मील का पत्थर स्थापित करने, कोविड-19 की एक अरब खुराक देने, के लिए बहुत-बहुत बधाई. मजबूत नेतृत्व, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय, स्वास्थ्य एवं अग्रिम मोर्चे के संपूर्ण कार्यबल के और खुद लोगों के समर्पित प्रयासों के बिना इतने कम समय में यह असाधारण उपलब्धि हासिल करना संभव नहीं था.’’
उन्होंने कहा कि भारत की इस उपलब्धि को देश की सराहनीय प्रतिबद्धता और यह सुनिश्चित करने के प्रयासों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए कि ये जीवन रक्षक टीके विश्व स्तर पर उपलब्ध हों.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, देश में टीकाकरण के पात्र वयस्कों में से करीब 75 प्रतिशत लोगों को कम से कम एक खुराक लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को टीके की दोनों खुराक लग चुकी हैं.
भारत सरकार की उपलब्धि पर यूनिसेफ ने दी बधाई
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) भारत ने भी यह उपलब्धि हासिल करने के लिए सरकार को बधाई दी और टीकाकरण की गति हालिया महीनों में तेज करने के भारत के प्रयासों का स्वागत किया.
यूनिसेफ भारत ने कहा, ‘‘भारत जैसे विशाल और विविध देश में एक साल से कम समय में एक अरब खुराक देने में साजो-सामान संबंधी जटिलताओं के मद्देनजर यह उपलब्धि शानदार है. जब भारतीय परिवार कोविड-19 की हालिया विनाशकारी लहर से उबर रहे हैं, ऐसे में कई लोगों के लिए इस उपलब्धि का अर्थ उम्मीद है.’’
सुदूर गांवों में भी जाकर स्वास्थ्यकर्मियों ने लगाए टीके
उसने कहा, ‘‘हमने पिछले कुछ महीनों में स्वास्थ्य कर्मियों को देश के हर हिस्से में टीकाकरण में तेजी लाने के लिए चौबीसों घंटे काम करते देखा है. कई कर्मियों ने लोगों को टीका लगाने के लिए सबसे दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में यात्रा की. हम इन स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत को सलाम करते हैं. उनके और वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, टीका निर्माताओं, नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य प्रबंधकों के समर्पण के बिना हम इस मील के पत्थर को हासिल नहीं कर पाते.’’
लाल किले पर लहराया 225 फुट लंबा और 150 फुट चौड़ा तिरंगा
टीकाकरण के तहत दी गई खुराकों की संख्या 100 करोड़ पहुंचने पर देश में खादी का सबसे बड़ा तिरंगा बृहस्पतिवार को लाल किले पर फहराया गया. इस तिरंगे की लंबाई 225 फुट और चौड़ाई 150 फुट है और इसका वजन लगभग 1,400 किलोग्राम है. यही तिरंगा दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर लेह में फहराया गया था.

अकेले उत्तर प्रदेश में लगाए गए 12.21 करोड़ टीके
वृहस्पतिवार को देश कोविड टीकाकरण के 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया. 10 माह में 100 करोड़ के विशाल लक्ष्य की इस बेमिसाल उपलब्धि में उत्तर प्रदेश ने करीब 12.21 करोड़ टीके की डोज लगाकर एक बड़ी जिम्मेदारी निभायी है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के महाप्रबन्धक – टीकाकरण डॉ. मनोज कुमार शुकुल का कहना है कि देश के 100 करोड़ टीकाकरण के विशाल लक्ष्य में अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश ने बड़ी जिम्मेदारी निभाई है. इसमें जहाँ स्वास्थ्यकर्मियों व फ्रंटलाइन वर्कर्स ने दिन रात अथक मेहनत की, वहीं जब जिसकी बारी आई, तब सभी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, जिससे यह बड़ा लक्ष्य आसान बन गया.
उनका कहना है कि अब पूरा प्रयास है कि टीकाकरण की श्रेणी में आने वाली प्रदेश की शत-प्रतिशत आबादी का जल्द से जल्द टीकाकरण पूरा किया जाए.
आंकड़ों के मुताबिक़ प्रदेश की 18 साल से अधिक की करीब 14.74 करोड़ की आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य है. इसमें करीब 64 फीसद आबादी यानि लगभग 9.43 करोड़ को कोविड टीके की पहली डोज और करीब 2.78 करोड़ को दूसरी डोज लग चुकी है. इस तरह कुल मिलाकर अब तक करीब 12.21 करोड़ टीके की डोज लग चुकी है.
9.77 लाख को पहली डोज और 8.50 लाख को दोनों डोज
इसी साल 16 जनवरी से शुरू हुए कोविड टीकाकरण के पहले चरण में प्रदेश के करीब 10.09 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड का टीका लगना था, जिसमें करीब 9.77 लाख को पहली डोज और इनमें से करीब 8.50 लाख को दोनों डोज लग चुकी हैं.
इसी तरह दूसरे चरण में करीब 10.43 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जाना था, जिसमें 10.34 लाख को पहली डोज लग चुकी है और इनमें करीब 8.10 लाख ने दोनों डोज का लाभ प्राप्त कर लिया है. इसके अलावा 18 से 45 साल आयुवर्ग के करीब 9.97 करोड़ की आबादी में 5.73 करोड़ को पहली डोज और इनमें 1.23 करोड़ को दोनों डोज लग चुकी है. इसी तरह 45 से 60 साल आयुवर्ग की करीब 2.89 करोड़ की आबादी में 2.22 करोड़ को पहली डोज और इनमें करीब 84 लाख को दोनों डोज लग चुकी है. इसी तरह कोविड के लिहाज से सबसे अधिक जोखिम की श्रेणी में आने वाले 60 साल से अधिक के 1.87 करोड़ बुजुर्गों में से 1.27 करोड़ ने पहली डोज और इनमें से करीब 54 लाख ने दोनों डोज की सुविधा प्राप्त की है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एम्बेसडर व किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त का इस बेमिसाल उपलब्धि पर कहना है कि अभी टीकाकरण की रफ़्तार को बनाए रखने की जरूरत है क्योंकि कोरोना से समुदाय को सुरक्षित बनाने का यह सबसे कारगर हथियार है. उन्होंने टीकाकरण के साथ ही त्योहारों पर कोविड प्रोटोकाल के पूर्ण पालन की भी अपील की है.
सीफार ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
कोविड टीकाकरण के 100 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार करने की खबर आते ही वृहस्पतिवार की सुबह से प्रदेश में जश्न का माहौल देखने को मिला. प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स व जनप्रतिनिधियों ने एक दूसरे को बधाई देकर ख़ुशी का इजहार किया.
इसी क्रम में स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) ने प्रदेश के अधिकतर जिलों में हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस बेमिसाल उपलब्धि पर स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स व जनसमुदाय को बधाई दी और आभार जताया कि सभी के सम्मिलित प्रयास से ही यह शुभ घड़ी आई है.
सीफार ने मीडिया के प्रति भी आभार जताया और कहा कि जनसमुदाय तक उनके व्यापक प्रचार-प्रसार का ही नतीजा रहा कि देश इतने कम समय में इतने विशाल लक्ष्य को हासिल कर सका. मिर्जापुर में मंडलीय चिकित्सालय स्थित टीकाकरण केंद्र पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभु दयाल गुप्ता ने केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया. इसके अलावा लखनऊ, वाराणसी, फर्रुखाबाद, इटावा और कन्नौज में भी सीफार ने इस उपलक्ष्य में हस्ताक्षर अभियान चलाया.



