कोरोना सावधानी के साथ हर्षोल्लास से मनाएं राम मंदिर प्रारम्भ पूजन दिवस: विहिप

नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद् ने श्रीराम जन्मभूमि पर होने वाले मंदिर के निर्माण के निमित्त पूजन के सम्बन्ध में एक वृहद कार्ययोजना तैयार की है.

एक  प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार  अनुसार आगामी पांच अगस्त को एक ओर जहां अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के लिए प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पूज्य संतों, विद्वानों, ट्रस्टीयों तथा अन्य गणमान्य लोगों के साथ अयोध्या में पूजन कर रहे होंगे वहीँ सम्पूर्ण देश उस “अनुपम दृश्य” को टकटकी लगाए अपने-अपने टीवी चैनलों पर सजीव (लाइव) देख रहा होगा.

विज्ञप्ति में बताया गया कि इस पूजन में देशभर की पवित्र नदियों का जल तथा तीर्थों की पावन माटी के संयोग से श्रीराम जन्म भूमि का यह मंदिर सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता तथा हिंदुत्व के भाव जागरण का एक चिरजीवी दैदीप्यमान केंद्र बनेगा. हिन्दू समाज की सैकड़ों वर्षों की अनवरत तपश्चर्या के उपरांत रामभक्तों की आकांक्षाओं के पूर्ण होने की इस पावन वेला पर विश्व हिन्दू परिषद् के महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने सभी राम भक्तों से आह्वान किया है कि:

Shri Milind Parande-VHP

· पांच अगस्त को सभी पूज्य सन्त-महात्मा अपने-अपने मठ-मन्दिरों, आश्रमों में तथा देश-विदेशों में बसे सभी रामभक्त अपने-अपने घरों या निकट के मन्दिरों या आश्रमों में सामूहिक बैठकर प्रातः 10.30 बजे से अपने-2 आराध्य देव का भजन-पूजन कीर्तन स्मरण करें, पुष्प समर्पित करें, आरती करें तथा प्रसाद बाँटें।

· किसी बड़े सभागार / हॉल में टेलिविज़न / परदे द्वारा अयोध्या में भूमि पूजन के कार्यक्रम को अपने-2 स्थानों के समाज को लाइव दिखाने की यथासम्भव योजना-रचना करें।

· अपना घरों, मुहल्लों, ग्रामों, बाज़ारों, मठ-मन्दिरों, गुरुद्वारों, आश्रमों इत्यादि में यथाशक्ति साज-सज्जा करें, व प्रसाद वितरण कर सायंकाल सूर्यास्त के बाद दीप जलायें।

· अपनी सामर्थ्य के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए यथाशक्ति दान का संकल्प करें।

· वर्तमान परिस्थितियों में अयोध्या आने से बहुत असुविधा हो सकती है अतः अपने घरों, निकट के मठ-मंदिरों या स्थानीय सार्वजनिक स्थलों पर ही इस उत्सव को धूमधाम से मनायें।

· प्रचार के सभी साधनों का उपयोग करते हुए समाज के अधिकाधिक लोगों तक इस भव्य कार्यक्रम को पहुँचायें।

· उपरोक्त सभी योजनाओं व कार्यकर्मों में कोरोना से रक्षा के सभी साधन अपनायें तथा इस सम्बन्ध में आए सरकारी व प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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