राजधानी लखनऊ में भयावह हुआ कोरोना तो चढ़ा सीएम योगी का पारा

लखनऊ. 19 जुलाई.

कोरोना संक्रमण के मामलों में यूपी 40 हज़ार से अधिक केस के साथ देश में छठे स्थान पर पहुंच गया है। कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति बदतर होती जा रही है। राज्य में आज कोरोना के रिकॉर्ड 2250 नए मामले सामने आए हैं। राजधानी लखनऊ में भी संक्रमण की स्थिति बिगड़ती जा रही है। रविवार को यहां सर्वाधिक 392 नए मामले सामने आए हैं। लखनऊ की स्थिति को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ का पारा चढ़ गया। उन्होंने डीएम, पुलिस कमिश्नर, सीडीओ, नगर आयुक्त, सीएमओ, अपर पुलिस आयुक्त, एलडीए वीसी, निदेशक पीजीआई समेत सभी अफसरों को तलब कर फटकार लगाई है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति को काबू में करने के लिए नई रणनीति पर चर्चा की है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर भी नाराज़गी व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों से कोरोना संक्रमण वाले इलाकों में सख्ती बरतने को कहा है। वहीं लखनऊ के कुछ क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाने की शुरुआत भी हो चुकी है। राजधानी के चार थाना क्षेत्रों को वृहद कंटेनमेंट जोन बनाकर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध 24 जुलाई तक जारी रहेगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस बैठक में कोरोना सम्बन्धी सभी सेवाओं और गतिविधियों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़े जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डोर टू डोर सर्वे के कार्य में कोई कोताही न बरतने को कहा है। उन्होंने इस दौरान मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए जल्द ही डीजी हेल्थ की नियुक्ति करने को कहा है।

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि वह मरीज की स्थिति के अनुसार उसे डॉ राम मनोहर लोहिया, पीजीआई, केजीएमयू और अन्य कोविड अस्पतालों में भर्ती कराएं। लोक बंधु अस्पताल में कोविड बेड बढ़ाकर 200 किए जाएं। सिविल, लोक बंधु, बलरामपुर, राम मनोहर लोहिया के प्रभारी चिकित्सकों से सीएम योगी ने मौजूदा स्थिति की जानकारी ली है।

इस बैठ के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई के निदेशक को डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय, सिविल, लोक बंधु, बलरामपुर प्रभारियों के साथ बैठक कर इलाज के लिए स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर विकसित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने होम क्वारंटाइन सिस्टम पर भी अपने विचार रखने को कहा गया है। सीएम योगी ने इंफोर्समेंट की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से लागू किया जाने के निर्देश जारी किए है। उन्होंने शनिवार और रविवार को व्यापक स्तर पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन का अभियान चलाने और सभी सरकारी कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने को कहा है। उन्होंने सभी कोरोना संदिग्ध मरीजों का रैपिड एंटीजन टेस्ट करने और संक्रमित मरीजों को उनकी स्थिति अनुसार कोविड अस्पतालों में तत्काल भेजने का फरमान जारी किया है। कोरोना उन्होंने कहा है कि शासन की गाइडलाइन का पालन पूरी तरह सुनिश्चित कराएं। कंटेनमेंट जोन के संबंध में पूरी सतर्कता बरती जाए। आईएमए एवं नर्सिंग एसोसिएशन के साथ जिला प्रशासन हर सप्ताह बैठक भी करे।

वहीं, सीएम योगी की सख्ती के बाद  अधिकारी और पुलिस सड़कों पर नज़र आ रही है। सेक्टर मजिस्ट्रेट मुस्तैद हैं। अस्पतालों के लिए नामित नोडल अफसर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा में जुट गए हैं और मरीजों से फीडबैक लिया जा रहा है। मुख्य चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने को कहा जा रहा है। वहीं नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। मास्क न लगने पर भी लोगों से जुर्माना भी वसूला जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस और प्रशासन की सख्ती बढ़ सकती है।

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