जौनपुर दलितों के घर जलने के मामले में सी एम योगी का कड़ा रुख़

(मीडिया स्वराज डेस्क)

यूपी के जौनपुर जिले में मंगलवार रात दो वर्गों के बीच हुए पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कड़ा रुख़ अपनाया है. सख्त लहजे में उन्होंने आदेश दिया है कि दलितों के घर जलाने वालों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए.
घटना पर रोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एसएचओ को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय थानाध्यक्ष ने लापरवाही बरती है, उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई का आदेश दे दिया गया है.
सीएम ने पीड़ितों को 10 लाख से अधिक रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा भी की है. साथ ही समाज कल्याण विभाग की तरफ से एक लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी. सात पीड़ित परिवारों को, जिनके घर इस घटना की भेंट चढ़ गए, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा, इसकी घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की.

दोषी बख्शे नही जाएंगे

आईजी विजय सिंह मीणा ने पत्रकारों को बताया कि, इस प्रकरण में 58 नामजद व 100 से अधिक अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है. 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गांव में पीएसी व चार थानों की पुलिस तैनात है. गांव में स्थित नियंत्रण हैं. घटना की जांच करायी जा रहीं है. गांव में हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नही जाएगा।

गत मंगलवार को बच्चों कें बीच हुए शुरू हुए मामूली विवाद ने वर्ग संघर्ष का रूप ले लिया था. इसी के बाद अनुसूचित जाति की बस्ती पर दूसरे समुदाय ने हमला कर दिया था. मारपीट, तोड़फोड़ के बाद आगजनी की गई थी. इस प्रकरण में अब तक 35 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. गांव में भारी पुलिस बल तैनात है.

क्या था पूरा मामला

जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भदेठी गांव निवासी शहबाज (13 वर्ष) का अनुसूचित जाति बस्ती के कुछ बच्चों से मवेशी चराने को ले कर कुछ विवाद हो गया. शहबाज ने घर लौटकर अपने परिजनों को बताया. तो लोग लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंचे कहा सुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई. जिसमे दोनों पक्षों के कई लोग जख्मी हो गए.

प्रधान पति आफताब ने बीच-बचाव कराकर उस समय तो मामला शांत करा दिया. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कुछ समय बीतने के बाद ही प्रधान पति के नेतृत्व में दूसरे समुदाय के सैकड़ों लोग उनकी बस्ती में पहुंचे और जो मिला उसे मारा पीटा और तोड़फोड़ की. साथ ही सात दलितों के घरों में आग लगा दी. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पाया और आग को बुझाया गया. हालांकि आरोपी पक्ष ने कहा है कि विवाद के दौरान ग्रामीणों ने खुद अपने कच्चे घरों में आग लगाई है, ताकि मामले को सांप्रदायिक रंग दिया जा सके.

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