BJP की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-UP की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के ताजा बयान से बुरे फंसे CM योगी

यूपी में महिला सुरक्षा पर बेबी रानी मौर्य का बयान

जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 का समय करीब आ रहा है, सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए रास्ते उतने ही कंकरीले होते जा रहे हैं. इसमें विपक्षी दलों की भूमिका को समझ आती है, लेकिन जब अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बयानों की वजह से उनकी छवि धूमिल होने लगे, तो वैसे हालात से उबरने के लिए योगी अपने तिकड़मी पिटारे से कौन सी जादू की बूटी बाहर ला पाएंगे, यह देखने के लिए सभी उत्साहित हैं. इस बार बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और यूपी में राज्यपाल रह चुकीं बेबी रानी मौर्य के ताजे बयान ने योगी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. अब देखना यह है कि इसे तोड़ने के लिए योगी कौन से हथियार का इस्तेमाल करते हैं!

सुषमाश्री

एक ओर जहां उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में अपराध कम हो रहे हैं… का नारा लगाया जाता रहा है, वहीं उनकी ही पार्टी यानि बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबी रानी मौर्य के नए बयान ने विपक्षी दलों को एक ऐसा मौका दे दिया है जिसे वे इस चुनावी माहौल में अपने फायदे के लिए भुनाने की हरसंभव कोशिश करेंगे.

बता दें कि बेबी रानी मौर्य ने कहा कि महिलाओं के लिए सरकार ने बहुत काम किया है और व्यवस्था में बदलाव भी हुआ है. थानों में महिला पुलिस की तैनाती भी हुई है, लेकिन रात होने की बाद प्रदेश में महिलाओं के लिए थाने जाना सुरक्षित नहीं. बेहतर होगा कि वे अगले दिन सुबह थाने जाएं.

उनके इस बयान ने मीडिया और विपक्षी दलों के लिए इस चुनावी काल में एक ऐसा मुद्दा थाली में परोसकर दे दिया है, जिससे बचने के लिए यूपी की योगी सरकार लगातार प्रयासरत रहती है. योगी के अपराध पर काबू करने के अथक प्रयासों के बावजूद यूपी की जनता उनकी तुलना में मायावती सरकार को ही अपराधियों के लिए सख्त बताते आए हैं. खुद मायावती ने भी कई बार ट्वीट कर योगी सरकार में अपराध बढ़ने का हवाला दिया है. इस बार बेबी रानी मौर्य के इस बयान को जहां मीडिया ने आड़े हाथों लिया है, वहीं समाजवादी पार्टी ने अपने ट्वीटर हैंडल से इस खबर को ट्वीट कर यूपी की तस्वीर पेश करने और योगी सरकार को आइना दिखाने की कोशिश की है. https://twitter.com/samajwadiparty/status/1451751589853548551/photo/1

बता दें कि वाराणसी के बजरडीहा इलाके की वाल्मीकि बस्ती में शुक्रवार रात आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबी रानी मौर्य ने कहा कि थानों पर एक महिला अधिकारी और सब इंस्पेक्टर बैठती जरूर हैं, लेकिन अपनी बहनों से मैं एक बात जरूर कहूंगी कि शाम पांच बजे के बाद जब अंधेरा हो जाए तो उसके बाद थाने कभी मत जाना. अगर जरूरी हो तो अगले दिन सुबह जाना और अपने साथ भाई, पति या पिता को लेकर थाने जाना.

यूपी में महिला सुरक्षा पर सवाल : उनके इस बयान से यह साफ हो जाता है कि यूपी के योगी सरकार में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं! सहभोज कार्यक्रम से पहले उन्होंने कहा, महिलाओं के लिए सरकार ने बहुत काम किया है और व्यवस्था में बदलाव भी हुआ है.

उन्होंने खाद संकट पर भी अधिकारियों द्वारा गुमराह करने की बात कही. आगरा का उदाहरण देते हुए कहा कि अधिकारी गुमराह करते रहते हैं.

क्या योगी मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और सत्ता में साझेदारी के लिए तैयार हैं ?

उन्होंने कहा, मुझे एक किसान का फोन आया तो मैंने खाद के लिए अधिकारी को फोन किया. मेरे कहने पर अधिकारी ने कहा कि खाद मिल जाएगी मगर बाद में उसने किसान को मना कर दिया. इस तरह की बदमाशी निचले स्तर पर होती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस तरह की शिकायत होती है, तो डीएम से शिकायत करो और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखिए. इसके बाद वह सहभोज में शामिल हुईं. इस दौरान रजनीश कन्नौजिया, संतोष कन्नौजिया सहित अन्य लोग मौजूद थे.

बहरहाल, इतना तय है कि बीजेपी के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं के बयान इस बार मश्किलें खड़ी करने वाला होता जा रहा है. अब देखना यह है कि इस बयान के बाद अपनी छवि को ठीक करने के लिए योगी आदित्यनाथ का अगला कदम क्या होगा?

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