जेपी की छात्र युवा संघर्ष वाहिनी को पुनर्जीवित करने का प्रयास

जेपी की छात्र युवा संघर्ष वाहिनी को पुनर्जीवित करने का प्रयास

जेपी की छात्र युवा संघर्ष वाहिनी को फिर से पुनर्जीवित और सक्रिय करने का प्रयास शुरू हुआ है।इसके लिए बोधगया में सम्पन्न वाहिनी मित्र मिलन में कई निर्णय लिए गये वाहिनी का 46वाँ स्थापना दिवस इस बार बोधगया में महा प्रज्ञा गेस्ट हाउस में मनाया गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सम्मेलन में 31 दिसम्बर के अंतिम सत्र में कई मुद्दों पर सहमति बनी, जिसमें प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं।

  1. देश में बीजेपी के राज में लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करने और संविधान के साथ छेड़छाड़ कर मनुवादी व्यवस्था कायम करने की कोशिश को नाकाम करने के लिए देशभर में राष्ट्रीय एकता बनाने का प्रयास करने के लिए 31 सदस्यीय कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया।
  2. अगले वाहिनी मित्र मिलन के लिए एक नयी संचालन समिति का गठन किया गया, जिसका संयोजक वागेश्वर वागी (भागलपुर) को बनाया गया।
  3. छात्र-युवा संघर्ष वाहिनी के पुनर्गठन और उसे सशक्त बनाने पर विचार किया गया। साथ ही यह तय किया गया कि आने वाले मार्च के महीने में एक राष्ट्रीय बैठक भागलपुर में आयोजित की जायेगी।
  4. एक आपदा राहत कोष बनाया जाएगा।

रामदेव और पाँचू द्वार बनाया गया था। ज्ञात हो कि आठ अगस्त 1979 को बोधगया के जापानी मंदिर और शाक्य मुनि कालेज के बीच के मैदान (अब जापान का दायजोक्यो मोनास्ट्री) के महती सभा शभा पर शंकराचार्य मठ के गुण्डों के द्वारा गोली चलाई गयी थी, जिसमें रामदेव और जानकी को गोली लगी और पाचू को बम।उस समय मठ की कचहरी थी, जो अब कचहरी के स्थान पर कालेज बन गया।

सभागार का नाम सिवान के जीरादेई निवासी महात्मा भाई के नाम पर रखा गया। महात्मा भाई का देहान्त पिछले साल आक्समिक बीमारी से हो गया। वाहिनी मित्र मिलन समारोह आयोजित करने में उनकी अहम योगदान हुआ करती थी। मंच जेपी के नाम से उनकी प्रतिमा रखकर सजाई गई थी।

30 दिसंबर को 11बजे उदघाटन भाषण हुआ, जिसमें मणिमाला, पूर्व राष्ट्रीय संयोजक बारीपदा के पूर्व विधायक किशोर दास, बोधगया के मजदूर किसान समिति के पूर्व अध्यक्ष श्री जानकी दास, बोधगया के बरिष्ठ साथी कारू जी, कंचन बाला ने संयुक्त रूप से किया।

स्वागत सभा कौशल गनेश आजाद, जगदेव, रमेश और विशुन धारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अरूण आंनद ने। मंथन ने मौजूदा परिस्थिति और चुनौती विषय पर एक मसौदा प्रस्ताव के रूप में रखा। मसौदे पर कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया और 31 दिसम्बर के अंतिम सत्र में कई मुद्दों पर सहमति बनी.

1 जनवरी को वाहिनी स्थापना दिवस मनाया गया, जिसमें 14 से तीस साल के युवक युवतियों ने भाग लिया। जिसको साथी मणिमाला ने संबोधित किया।

इसे भी पढ़ें:

बोधगया में ‘वाहिनी मित्र मिलन’ शुरू


12 बजे खुला अधिवेशन और समापन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन कौशल गणेश आजाद, किशोर दास और कंचन बाला ने किया। मुख्य वक्ता कुमार चंद मार्डी, जानकी दास, देवनाथ देवन, सुशील कुमार,फादर अंटो, कृष्णनंदन यादव (पूर्व विधायक अतरी) वरिष्ठ साथी कारू कंचन बाला आदि ने संबोधित किया।

वाहिनी मित्र मिलन के समारोह में चार चांद लगाने में रात्रि के सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम में गिरिडीह के युवाओं का नाटक और युवतियों का नृत्य संगीत रहा। नीरज और प्रीति के गीत ने भी सबका मनोरंजन किया।

राष्ट्रीय एकता कोर्डिनेशन कमिटी में शामिल सदस्य:

1.मंथन 2.कारूजी 3.घनश्याम 4.कंचनबाला 5.कुमारचंद्र मार्डी 6.सतीश कुन्दन 7.किशोर 8.बागेश्वर बागी 9.डा उमेश 10.गणेश आजाद 11.प्रभाकर 14.एम के निराला 15.जगदेव 16.लालदेव 17.डा योगेन्द्र 18.अमरेन्दर 19.गुप्तेश्वर 20.विष्णुधारी 21.बनारसीआलम 22.आनन्द 23.एतवारीमंडल 24.उमेश धनरूआ 25बिरेन्दर प्रधान 26.धरणीधर 27.अशोक मानव 28.सुखदेव 29.अरूण आनन्द 30.उदय

प्रस्तावित 1.राकेश रफीक 2.ज्ञानेन्दर 3.राजीव 4.पुतुल

इनकी सहमति के बाद सभी सदस्य हो जाएंगे लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने पर स्वत: सदस्यता समाप्त हो जायेगी।🙏

अगले वाहिनी मित्र मिलन की राष्ट्रीय संचालन समिति

  1. बागेश्वर बागी
  2. मंथन
  3. घनश्याम
  4. कौशलगणेश आजाद
  5. ज्ञानेन्दर
  6. किशोर
  7. कारूजी
  8. रामधीरज
  9. कंचनबाला
  10. क्षेत्रमोहन
  11. बिनोद रंजन
  12. किरण
  13. अशोक बागी
  14. उदय
  15. अशोक मानव
  16. मीना बागी और नाम जोड़े जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × 1 =

Related Articles

Back to top button