किसानों के भारत बंद का असर देश भर में, कहीं सड़क तो कहीं रेल मार्ग बाधित

नई दिल्ली: तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के भारत बंद का व्यापक असर देशभर में देखने को मिल रहा है. नए कृषि कानूनों के एक साल पूरा होने पर आज देश के कई राज्यों और शहरों में सड़क और रेल मार्ग जाम कर बंद को सफल बनाने की कोशिश जारी है. राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश आने-जाने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर सवेरे से ही आंदोलनकारियों ने जाम किया हुआ है. बंद का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किया गया है.

दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर ट्रैफिक अलर्ट जारी कर जरूरतमंदों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था भी की है. इसके बावजूद दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भारी जाम देखने को मिला. बॉर्डर पर सैकड़ों मीटर तक कारें ही कारें खड़ी नजर आईं. 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट करके बताया है कि नेशनल हाईवे 9 और नेशनल हाईवे 24 को किसान आंदोलन के कारण बंद किया गया है. उन्होंने यूपी से आने-जाने वाले लोगों को डीएनडी, विकास मार्ग, सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद रोड जैसे रास्तों से गुजरने की सलाह दी है.

पंजाब-हरियाणा में हालात

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने भारत बंद के तहत पंजाब और हरियाणा में भी जगह-जगह धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठ गए हैं, जिससे रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित हुआ है.

फिरोजपुर रेलवे मंडल ने 18 ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है. इसमें 14 ट्रेनें रद की गई हैं और 4 ट्रेनों को टर्मिनेट किया गया है. विस्तृत जानकारी रेल विभाग से मिल जाएंगी.

हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित शाहाबाद क्षेत्र में किसानों ने बीच सड़क पर दरी बिछा दी और रास्ता रोक दिया. किसानों के प्रदर्शन के कारण दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे भी जाम हो गया है. किसान के प्रदर्शन से यहां ट्रकों की लंबी लाइनें लग गई हैं.

बसों का चक्का जाम

किसान आंदोलन के समर्थन में सरकारी और प्राइवेट बसों ने भी पूरी तरह चक्का जाम रखा है. बस स्टैंड पर बसों का जमावड़ा लगा है और कोई भी बस डिपो से नहीं निकली है. प्राइवेट बसें भी रात से ही बंद हैं.

किसान संगठनों की ओर से शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर जाम लगाया गया है. इसके लिए बकायदा बैरीकेडिंग की गई है. निजी वाहनों को भी आने जाने की इजाजत नहीं दी जा रही. इससे जहां सार्वजनिक ट्रांसपोर्टेशन ठप है, वहीं निजी वाहनों से भी लोग सफर नहीं कर पा रहे.

किसान नेता राकेश टिकैत ने बंद के व्यापक असर को देखते हुए ट्वीट किया है— 

मुठ्ठी भर किसान, कुछ राज्यों का आन्दोलन बताने वाले आंख खोलकर देख लें कि किसानों के आव्हान पर आज पूरा देश #भारत_बंद का समर्थन कर रहा है, बिना किसी दबाव व हिंसा के ऐतिहासिक #BharatBand जारी है सरकार कान खोल कर लें, कृषि कानूनों की वापसी व MSP की गारंटी के बिना घर वापसी नहीं होगी ।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

बता दें कि किसान संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भारत बंद को लेकर एक  ज्ञापन पत्र भी दिया है. इस पत्र में तीनों कृषि कानून निरस्त करने, बिजली संशोधन बिल 2020 वापस लेने, पराली कानून, 2020 में किसानों को सजा का प्रावधान रद्द करने, सभी कृषि उत्पादों की एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी दिलाने आदि मांगों को पूरा करने संबंधित बातें रखी गई हैं.

support media swaraj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four − 4 =

Related Articles

Back to top button