जनादेश लाइव शाम के अलावा अब सुबह दस बजे नए रूप में ” सुप्रभात जनादेश – अख़बारों से “

“जनादेश लाइव” यू ट्यूब चैनल का अब प्रात: क़ालीन प्रसारण ” सुप्रभात जनादेश – अख़बारों से  शुरू हो गया है. जहां शाम को किसी महत्वपूर्ण विषय पर वरिष्ठ पत्रकार और विषय विशेषज्ञ संजीदा  बहस करते हैं, वहीं “” सुप्रभात जनादेश – अख़बारों से “ में देश विदेश की उन महत्वपूर्ण ख़बरों की जानकारी देते हुए संक्षिप्त विश्लेषण किया जाता है. 

अख़बार अब बहुत लोकल हो गए हैं, एक ज़िले की खबर दूसरे ज़िले में नहीं  मिलती, इसलिए जनादेश सुप्रभात में देश का अलग – अलग शहरों से वरिष्ठ पत्रकार चुनिंदा खबरें पेश करते हैं ताकि दर्शकों को देश दुनिया में क्या हो रहा है, जानने और समझने का अवसर मिले.  

कृपया इस देखें : https://youtu.be/iNBlyqXaFiE

क़रीब दो महीने पहले कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने एक साझा पहल के तौर पर ” जनादेश लाइव” के नाम से यू ट्यूब चैनल शुरू की थी. 

जनादेश लाइव के जरिए देश और समाज को देखने की कोशिश की जाती है जो चैनलों की बहसों में कहीं गुम हो गई है और मीडिया सत्ता से सवाल नहीं कर रहा है बल्कि उसके साथ कदमताल कर रहा है. 

कृपया इसे देखें https://youtu.be/CdQibCBedEI

जनादेश लाइव ने प्रशांत भूषण पर भी बात की और अर्थव्यवस्था पर भी, रोजगार पर भी और छात्रों के मसले पर भी. यानी मुख्यधारा की पत्रकारिता जिन सवालों को हाशिए पर ढकेलने में लगी है, जनादेश लाइव के जरिए उन सरोकारों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश हो रही है.

“अब संपादकों की वह पीढ़ी नहीं रही जो अपनी पैनी नज़र से लोक हित में समाचारों की प्रस्तुति और विश्लेषण करते थे. अब सूचनाओं के अंबार में अकेले एक आदमी के लिए यह करना भी मुश्किल है. इसलिए कुछ अनुभवी और कुछ उत्साही नौजवान पत्रकारों ने  एक कम खर्चीला सरल और सुलभ प्लेटफ़ार्म बनाने का प्रयास किया  हैं , जो हर तरह के दबाव से मुक्त रह सके. इसे  यू ट्यूब चैनल पर “जनादेश” नाम दिया गया है. “

जनादेश लाइव चैनल का यह आधार  वक्तव्य है .  वक्तव्य के अनुसार, ” यह साझा पहल है .ऐसे पत्रकारों की जो देश – विदेश और विभिन्न राज्यों में ढाई तीन दशक से पत्रकारिता कर रहे हैं .

प्रोफेशनल हैं .मुद्दों को समझते हैं और जमीनी पत्रकारिता की है .

जनादेश सीनियर पत्रकारों की साझा पहल
जनादेश की कोर टीम

इस पहल में प्रारम्भ में जो लोग जुड़े हैं वे हैं –  रामदत्त त्रिपाठी , आलोक जोशी ,,राजेंद्र तिवारी ,अमिताभ श्रीवास्तव ,प्रभाकर मणि तिवारी अंबरीश कुमार और हरजिंदर . आगे और भी लोग जुड़ सकेंगे”. 

यह नया यू ट्यूब चैनल “जनादेश लाइव ”  उन मुद्दों को उठाने का भी प्रयास है, जिन्हें मुख्यधारा का मीडिया हाशिये पर छोड़ देता है .

“जनादेश यानी अनुभवी लोग.साझा पहल . संतुलित भाषा, संजीदा बहस. जनता के मुद्दे ,सरोकार की पत्रकारिता .न दाएं और न बाएं . सीधी बात .”

चैनल से जुड़े एक पत्रकार का कहना है कि,”इंफ़ारमेशन तकनालाजी यानी सूचना तकनीकी में क्रांति से अब चारों तरफ़ से ख़बरों की बमबारी हो रही है. अख़बार, रेडियो, टीवी, न्यूज़ पोर्टल, फ़ेस बुक, ट्विटर, यू ट्युब और जाने क्या. क्या. ढेर सारी मिलावट के साथ. 

इनमें से बहुत सारी खबरें जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी बनायी जाती हैं, सुपारी किलर की तरह. ऐसे में आम नागरिक के लिए बड़ा मुश्किल होता है सही सूचनाएँ पाना और उनका सही संदर्भ में मतलब समझना. 

इनका कहना है, “सत्य के कई पहलू होते हैं और कभी- कभी उसे ढकने का भी प्रयास होता है. “जनादेश “ में सत्य को खोजने और उसके हर पहलू को समझने की सामूहिक कोशिश होती है. . हालाँकि यह अपने आप में एक जोखिम वाला काम है.” 

जनादेश लाइव में समाचारों के विश्लेषण के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों की कुछ खबरें दिखाने का प्रयास भी होता है,  तो खबर के पीछे की खबर को समझने के लिए चर्चा भी होती है .

इसमें पूर्वोत्तर भारत की खबरें होती हैं  तो कश्मीर से दक्षिण तक भी . पर यह चर्चा कुछ अलग ढंग से होती है. हर किसी को अपनी बात कहने का मौक़ा होता है. 

चैनल में शामिल पत्रकारों ने अपील की है कि कृपया शाम साढ़े सात बजे जनादेश लाइव और सुबह दस बजे यू ट्युब चैनल पर जुड़ें. 

चैनल में शामिल पत्रकारों ने अपील की है कि कृपया शाम साढ़े सात बजे जनादेश लाइव और सुबह दस बजे यू ट्युब चैनल पर जुड़ें. 

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