कोरोना वायरस से बच्चों को ऐसे कर सकता है प्रभावित, पढ़े पूरी खबर

कोरोना वायरस को लेकर कहा जा रहा है कि इस वायरस की चपेट में ज्यादातर बुजुर्ग आते हैं, लेकिन एक रिसर्च में सामने आया है कि यह समझना काफी मुश्किल है कि यह बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?  इस संक्रमण के बढ़ते हुए पैमाने को देखते हुए जवान मरीजों को भी इससे बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए। यूएस में वर्जीनिया स्वास्थ्य प्रणाली विश्वविद्यालय के चिकित्सकों में शामिल स्टीवन एल. ज़ीचनर( Steven L. Zeichner)ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते संक्रमित बच्चें गंभीर रुप से बीमार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में इस वायरस का ज्यादा रिस्क है।

journal Pediatrics में छपे शोध में कहा गया कि कई संक्रामक रोग वयस्कों की तुलना में बच्चों को अलग तरह से प्रभावित करते हैं, जिसे समझना काफी जरुरी है और ऐसे में बच्चो को कोरोना हो सकता है क्योंकि बच्चे पहले से किसी ना किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। रिसर्चर के मुताबिक, बच्चों के संगठन में कोविड-19 फैलने का ज्यादा रिस्क होता है। इसके साथ ही  उन बच्चों में ज्यादा रिस्क होता है, जो पहले से किसी ना किसी फेफड़ों संबंधी बीमारी से ग्रस्त हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि दो तिहाई बच्चों में कोरोना वायरस के संक्रमित लक्षण से बच्चों में कोविड-19 का बच्चों में सही प्रभाव का आकलन करना बहुत मुश्किल होता है।

एक पूर्व अध्ययन का एक उदाहरण का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के निदान के बाद भी कई हफ्तों तक वायरस बच्चों में बना रहता है। उन्होंने कहा कि यह जोखिम, संचरण के अन्य मार्गों जैसे कि नाक स्राव के साथ मिलकर, स्कूलों, डे केयर सेंटरों और बच्चों के परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। चूंकि COVID -19 से संक्रमित से कई बच्चों में कोई भी लक्षण नहीं है। इसके बाद भी एहतियात बरते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बच्चों से दूसरों तक संचरण को कम करने के लिए सभी सामाजिक दूरियों, स्वच्छता और अन्य सावधानियों का पालन करना महत्वपूर्ण है। रिसर्च में बताया कि कि ऐसे में बच्चों में हुई कोरोना वयारस के चलते यह परिवार के सदस्यों को भी प्रवाभित करता है।

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