कोरोना वायरस के लक्षण की आशंका में बेली में तीन संदिग्ध पहुंचे तो फैली दहशत

तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय (बेली) में शुक्रवार को तीन लोग कोरोना के संदिग्ध आ गए। भनक लगते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। कर्मचारी भी इधर-उधर भागने लगे। आनन-फानन में तीनों पुरुषों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया और मामले की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी को दी गई। तीनों के सैम्पल लिए गए। बताया जा रहा है कि तीनों इटली में रिक्शा चलाते थे। उन्हें आशंका हुई तो वह जांच कराने बेली पहुंचे थे। उधर अस्‍पताल के मुख्‍य द्वार को बंद करा दिया गया।

 

बेली अस्‍पताल के मुख्‍य द्वार को बंद कराया गया

शुक्रवार को कोरोना वायरस के लक्षण की आशंका में बेली में तीन संदिग्ध पहुंचे तो दहशत फैल गई। तीनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। जांच के लिए सैैंपल भेजा जा रहा है। दहशत के बीच अन्य विभागों की ओपोडी बंद कर दी गई है। बेली अस्पताल परिसर में जब मरीजों और उनके तीमारदारों को तीन संदिग्धों के मिलने की जानकारी हुई तो वहां हड़कंप मच गया। मरीज और तीमारदार बाहर की ओर निकलने लगे। इस पर अस्पताल प्रशासन ने मुख्य द्वार को बंद करवा दिया। इससे न कोई बाहर से अंदर जा सका और न ही अंदर से बाहर ही लोग निकल सके।

तीनों संदिग्‍धों में कोरोना वायरस की अभी नहीं हुई पुष्टि

साथ ही अस्पताल प्रशासन ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। हालांकि अभी जिन तीन लोगों को बेली अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, उनमें सिर्फ कोरोना वायरस के लक्षण मिलने की आशंका है, न कि पुष्टि हुई है। इसके लिए जांच सैंपल भेजा जा रहा है।

एसआरएन में संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट निगेटिव, एक महिला भर्ती

स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में इटली से नौ मार्च को लौटे जिस युवक को कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज मानते हुए बुधवार को भर्ती किया गया था उसे कोरोना नहीं है। उसके सैंपल की केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज) से आई जांच रिपोर्ट निगेटिव है। हालांकि उसे बेहतर इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, अब गुरुवार को कोरोना होने की आशंका में एक गर्भवती महिला को बुखार होने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। आज रिपोर्ट आने की संभावना है।

परिवार के सदस्यों को भी आइसोलेट कर दिया गया था

खांसी, जुकाम की शिकायत होने पर इटली से आए युवक के भर्ती होने से अस्पताल सहित शहर में दहशत फैल गई थी। लखनऊ के केजीएमयू के माइक्रोबायोलाजी विभाग से गुरुवार को दोपहर में आई उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव होने से प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के साथ उसके घर के लोगों को भी राहत मिली है। क्योंकि उसे संदिग्ध मानते हुए उसके परिवार के सदस्यों को भी आइसोलेट कर दिया गया था।

तरह-तरह की फैलती रही अफवाहें

एसआरएन में भर्ती मरीज के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के पहले ही कुछ लोग अफवाह फैलाते रहे कि मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लोग एक दूसरे से इसकी पुष्टि भी करते रहे। अफवाह को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव होने की पुष्टि सीएमओ की ओर से की गई। सीएमओ की ओर से अपील भी की गई कि लोग किसी तरह के अफवाह पर ध्यान न दें। कुछ ऐसा ही हाल शुक्रवार को बेली अस्‍पताल में भी नजर आया।

support media swaraj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two − one =

Related Articles

Back to top button