अयोध्या को सोलर सिटी बनाने की जरूरत : योगी

अयोध्या के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर अंकित कराने के लिए यूपी सरकार प्रतिबद्ध है।

इसे आधुनिकता और परंपरा के अद्भुत संगम के रूप में विकसित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि अयोध्या को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।

यह अयोध्या को अन्य नगरों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत करेगा।

मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने यह बातें गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अयोध्या के विकास कार्यों पर अन्तर्विभागीय समीक्षा बैठक में कहीं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या के चहुँमुखी विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।

विकासकार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत हुए

अयोध्या के घाट

मुख्यमंत्री पंचकोसी, चौदहकोसी और चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े विकासकार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा है परिक्रमा मार्ग से जुड़ी कोई भी परियोजना संचालित करते समय यह ध्यान रखें कि श्रद्धालुगण पैदल परिक्रमा करते हैं।

अतः परिक्रमा पथ पर यात्री सुविधाओं का विकास करें। अयोध्या विकास प्राधिकरण भी इस कार्य में आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने छोटी गाड़ियों के लिए प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग में औद्योगिक गतिविधियों की व्यवस्था करने के निर्देश देते दिये।

उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों का पुनर्वास होगा। उनकी आजीविका का मार्ग तैयार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि अयोध्या के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाएं।

गुप्तार घाट से नया घाट तक रिवर फ्रंट

अयोध्या का दृश्य

अयोध्या के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गुप्तार घाट से नया घाट तक रिवर फ्रंट का विकास करें।

यह अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को नवीन आयाम प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अयोध्या धार्मिक पर्यटन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।

निकट भविष्य में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक आएंगे। ऐसे में वहां गाइड की आवश्यकता होगी।

अयोध्या में अच्छे कुशल गाइड की उपलब्धता हेतु पर्यटन विभाग कार्ययोजना तैयार करे।

रोजगार सृजन की दृष्टि से भी यह उपयोगी होगा।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राम की पैड़ी में सरयू जी के जल का प्रवाह हो, इसके लिए सिंचाई विभाग कार्ययोजना तैयार करे।

समीक्षा बैठक में विभिन्न विकासकार्यों हेतु भूमि अधिग्रहण के प्रकरण पर भी विमर्श हुआ।

ग्राम मांझा बरहटा में 80.357 हेक्टेयर भूमि क्रय करने के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की दर तय करने में जनहित और जनअपेक्षाओं का विशेष ध्यान रखें।

डीएम अयोध्या इस प्रकरण में शीघ्र निर्णय लें।

इसी प्रकार सहादतगंज पर गोरखपुर से लखनऊ जाने वाले वाहनों की सुविधा के लिए फ्लाइओवर का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किये जाने के निर्देश भी दिए गए।

लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित करें

अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट के बारे में मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि अवरोधों को शीघ्रातिशीघ्र दूर किया जाए।

मुख्यमंत्री को डीएम, अयोध्या ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए 160 एकड़ भूमि प्राप्त हो गई है, शेष 250 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों हेतु किए जा रहे भूमि अधिग्रहण की दर एक समान हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा को विकास की अलग-अलग परियोजनाओं में संलग्न सभी विभाग परस्पर समन्वय रखें।

इन विभागों में पीडब्ल्यूडी, आवास, जल शक्ति, राजकीय निर्माण निगम, पर्यटन शामिल हैं। विभागाध्यक्ष निर्णय लेने में देर न करें।

उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से मानकों के अनुसार पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।

साथ ही यह भी कहा कि विकास कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

रामायण सर्किट (अयोध्या से सीतामढ़ी अयोध्या से चित्रकूट) अयोध्या की विशिष्ट पहचान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इससे संबंधित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles