
सोनभद्र जिले के ओबरा से दिल देहला देनी वाली ये घटना समाज में व्याप्त संवेदनहीनता को बतलाती है. यहां मां ने अपनी 14 वर्षीय बेटी का सौदा 4 लाख रुपए के लिए कर दिया 45 वर्ष के व्यक्ति से विवाह के बदले यह सौदा किया गया. विवाह के बाद किशोरी को हरियाणा ले जाया गया. पीड़िता भाग न जाए, इसके लिए उसे लगभग दो माह तक घर में बंधक बना कर रखा गया. लड़की का आरोप है कि वहां उसके साथ कथित पति ने मारपीट की और कई बार दुष्कर्म किया, साथ ही दूसरे से भी संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया. मौका मिला तो किसी तरह किशोरी वहां से भाग निकली और अपनी दादी के पास पहुंची.
शनिवार को पीड़िता दादी के साथ न्याय की गुहार में एसपी ऑफिस पहुंची. इसको लेकर पीड़िता का एक वीडियो भी वायरल हुआ है. वहीं, बाल संरक्षण विभाग के द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस से पूरी जानकारी मांगी गई है. पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म की धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दादी ने लगाई पुलिस से गुहार
पीड़िता की दादी की तरफ से एसपी को दिए शिकायती पत्र और वायरल वीडियो में बताया है कि उसकी 14 वर्षीय पोती को, उसकी ही मां द्वारा 4 लाख रुपए में सौदा कर दिया गया, पिछले साल 22 दिसंबर को घुमाने के बहाने मिर्जापुर ले गई और हरियाणा के हिसार निवासी गोविंद गोयल से जबरन विवाह कर दिया. पीड़िता के एतराज करने पर भी उसकी मां और उसके रिश्तेदारों ने मिलकर जबरिया उसकी शादी अधेड़ उम्र वाले गोविंद गोयल से की.
भागने में इस तरह कामयाब रही पीड़िता
जबरन विवाह के बाद उसे हरियाणा ले जाया गया. जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया. पीड़िता ने बताया कि 17 फरवरी को वह लोग पीछे के दरवाजे पर ताला लगाना भूल गए. इसके बाद वह वहां से भाग निकली. टेंपो स्टैंड से होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंची. वहां से ट्रेन पकड़कर अपने घर चली आई. पीड़िता अपनी दादी के साथ ओबरा थाना और महिला थाने में जाकर गुहार लगाई लेकिन कार्रवाई न होने पर मजबूरन उसे पुलिस कप्तान के पास जाना पड़ा.
बाल संरक्षण समिति के सदस्य अमित चंदेल ने बताया कि पुलिस का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है. वहीं प्रभारी निरीक्षक ओबरा अभय प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की दादी की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 370, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.



