विज्ञान पुस्तकें मुख्यमंत्री योगी को भेंट

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डॉ दीपक कोहली, संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग ने अपनी  दो नवीन पुस्तकें “विज्ञान के दर्पण में मानवजीवन” एवं “विज्ञान विमर्श” मुख्यमंत्री मंत्री  आदित्यनाथ योगी को भेंट की। 

इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री से दोनों पुस्तकों के वैज्ञानिक लेखों पर विचार- विमर्श भी हुआ। इनपुस्तकों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, पारिस्थितिकी, कोविड महामारी, वैज्ञानिकों की जानकारी, विज्ञानमें करियर निर्माण तथा अन्य नवीनतम वैज्ञानिक विषयों पर अद्यतन जानकारियां दी गई हैं। 

पुस्तकों में हरित अर्थव्यवस्था: स्वस्थ्य पर्यावरण के साथ विकास, पर्यावरण संरक्षण में आत्मनिर्भर भारत, भारतीय चिंतन में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा, जैव ईंधन की भूमिका एवं संभावनाएं, जैव विविधताअभिसमय की प्रासंगिकता, जीवन के लिए ओजोन, ऑर्गेनिक खेती- पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली, पर्यावरणीय परिणामों का आकलन, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु इलेक्ट्रिक वाहन, समुद्री वर्षा वन याप्रवालभित्तियां- समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र, सौर वृक्ष: किसानों के लिए उपयोगी, सूक्ष्म जीवों से जैव ईंधन, वैश्विक ऊर्जा संक्रमण, वनों की पुनर्स्थापना- आज की आवश्यकता, वन्य प्राणियों की सुरक्षा, डाल्फिन- अस्तित्व पर खतरा, वेटलैंड – समृद्ध जैव विविधता का परिचायक, क्लाइमेट चेंज परफारमेंस इंडेक्स तथाजलवायु परिवर्तन, इकोसिस्टम इंजीनियर है समुद्री घास, मधुमक्खियां: स्वस्थ पर्यावरण क़े संकेतक, अंटार्कटिका में वैज्ञानिक अध्ययन, गंगा नदी की जैव विविधता, हाथी गलियारों की उपादेयता, भारत में बढ़ताबाघों का कुनबा, कोरोना महामारी और डिजिटल शिक्षा, कोविड-19 से लड़ने में सहायक रोबोट, कोविड-19 और कुपोषण की चुनौती, लॉकडाउन का पर्यावरण पर प्रभाव, कोरोना के बाद बर्ड फ्लू का प्रकोप, इबोलावायरस -एक गंभीर और जानलेवा बीमारी, टेलीमेडिसन- ई स्वास्थ्य सुविधा, आयुर्वेदिक उपाय बढ़ाएं रोगप्रतिरोधक क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य है बहुत जरूरी आदि उपयोगी लेख सम्मिलित हैं। यह पुस्तकें भारत कीयुवा पीढ़ी के लिए निश्चित ही वरदान सिद्ध होंगी क्योंकि इनमें नए भारत के निर्माण हेतु युवाओं के लिएमहत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं।

 माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा भारतीय शास्त्रों एवं ग्रन्थों में वैज्ञानिक शोध एवं खोज तथा स्वदेशी विज्ञान परअपना बहुमूल्य परामर्श भी प्रदान किया। 

चर्चा के दौरान डॉ कोहली ने बताया कि भारत के नव निर्माण में हमारे अनेक वैज्ञानिकों ने नए-नए कीर्तिमानस्थापित करके सिद्ध कर दिया है कि देश को विश्वगुरु बनाने में वैज्ञानिक भी पीछे नहीं हैं। इस अवसर पर डॉदीपक कोहली के सुपुत्र एवं साफ्टवेयर इंजीनियर श्री अभिनव कोहली भी उपस्थित रहे।

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