जब मलाला और एसर ने लिखा, इस नये सफर पर साथ चलने के लिए आप सभी की दुआयें चाहिए…

आज का दिन मेरे ​जीवन में बेहद खास है जब जीवनभर के लिए हम एकदूसरे के साथी बन चुके हैं...

पाकिस्तानी महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला युसुफजई और पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से जुड़े एसर मलिक बीते 9 नवंबर 2021 को शादी के बंधन में बंध गये. निकाह का यह कार्यक्रम ​बर्मिंघम स्थित मलाला के दूसरे घर में संपन्न हुआ. इस अवसर पर मलाला और एसर, दोनों ही ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये अपने चाहने वालों के साथ शादी की तस्वीरें शेयर कीं और उनसे इस नये सफर पर चलने के लिए सबकी दुआयें मांगीं…

सुषमाश्री

मलाला में मैंने एक बेहद सपोर्टिव फ्रेंड, एक खूबसूरत और दयालु साथी को पाया है. बाकी की सारी जिंदगी उनके साथ बिताने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं. मैं उन सभी का तहेदिल से शुक्रगुजार हूं, जो मेरे निकाह पर मुझे दुआयें भेज रहे हैं.”, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हाई परफॉर्मेंस सेंटर के जनरल मैनेजर एसर मलिक ने बीते 9 नवंबर 2021 को अपनी निकाह की एक तस्वरी के साथ सोशल मीडिया पर यह बात कही.

असल में, पाकिस्तान में महिला उत्थान कार्यकर्ता के तौर पर अपने सामाजिक उत्थान कार्यों की बदौलत दुनिया भर में कम ही उम्र में नाम कमा चुकी मलाला युसुफजई और एसर मलिक 9 नवंबर को यूके में आयोजित निकाह समारोह में शादी के बंधन में बंध गये. इस मौके पर इस कपल के परिवार वाले भी वहां मौजूद थे.

खुद मलाला युसुफजई ने अपने इस खास दिन पर ​सोशल मीडिया पर लिखा, “आज का दिन मेरे जीवन में बेहद खास है, जब एसर और मैं जीवन भर के लिए एक दूसरे के साथी बन चुके हैं. इस मौके पर बरमिंघम स्थित अपने घर में हमने एक छोटे से निकाह समारोह का आयोजन किया है. कृपया आप सभी हमें दुआयें भेजें. हमदोनों इस नये सफर पर एक साथ चलने को लेकर बेहद उत्सुक हैं.”

खुद मलाला युसुफजई ने अपने इस खास दिन पर ​सोशल मीडिया पर लिखा, “आज का दिन मेरे जीवन में बेहद खास है, जब एसर और मैं जीवन भर के लिए एक दूसरे के साथी बन चुके हैं. इस मौके पर बरमिंघम स्थित अपने घर में हमने एक छोटे से निकाह समारोह का आयोजन किया है. कृपया आप सभी हमें दुआयें भेजें. हमदोनों इस नये सफर पर एक साथ चलने को लेकर बेहद उत्सुक हैं.”

इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों को शादी की शुभकामनायें भेजने वालों की होड़ लग गई. देश विदेश से लोग इस नये जोड़े को अपनी दुआयें भेजने लगे. मंगलवार को शादी के बाद बुधवार दोपहर को मलाला ने अपने प्रशंसकों के साथ अपने निकाह की तस्वीर शेयर की. आपको याद होगा कि 2012 में तालिबान द्वारा सिर में गोली मारे जाने के बाद पाकिस्तानी महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला युसुफजई को वेस्ट मिडलैंड्स में शरण मिली थी. तब मलाला की उम्र महज 15 साल थी, जब पाकिस्तान में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर आवाज उठाने पर तालिबान ने उन्हें टारगेट किया था.

महज 13 साल की उम्र में ही वे तहरीक-ए-तालिबान शासन के अत्याचारों के बारे में एक छद्म नाम से बीबीसी के लिए ब्लॉगिंग करती थी. अपने लेखों के माध्यम से वे बेहद कम उम्र में ही स्वात के लोगों में नायिका बन गयी थी.

12 जुलाई 1997 को पाकिस्तान में जन्मीं मलाला को बच्चों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली कार्यकर्ता के तौर पर जाना जाता है. वे पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित मिंगोरा शहर की एक छात्रा है. महज 13 साल की उम्र में ही वे तहरीक-ए-तालिबान शासन के अत्याचारों के बारे में एक छद्म नाम से बीबीसी के लिए ब्लॉगिंग करती थी. अपने लेखों के माध्यम से वे बेहद कम उम्र में ही स्वात के लोगों में नायिका बन गयी थी.

अक्टूबर 2012 में, मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने उदारवादी प्रयासों के कारण वे आतंकवादियों के हमले का शिकार बनीं, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गईं और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गईं. उनके जिस लेख ने उन्हें इस हमले का शिकार बनाया, असल में वह उनकी डायरी के वे पन्ने थे, जिसमें उसने स्वात में तालिबान के कुकृत्यों का वर्णन अपने दर्द के रूप में उस डायरी में बयां किया था.

डायरी लिखने की शौकीन मलाला ने तालिबानी आतंक की शिकार हो रही अपनी सहपाठियों की हालत देखने के बाद उसका दर्द अपनी डायरी में कुछ इस तरह बयां किया था, ‘आज स्कूल का आखिरी दिन था इसलिए हमने मैदान पर कुछ ज्‍यादा देर खेलने का फ़ैसला किया. मेरा मानना है कि एक दिन स्कूल खुलेगा लेकिन जाते समय मैंने स्कूल की इमारत को इस तरह देखा, जैसे मैं यहां फिर कभी नहीं आऊंगी.’

17 साल की सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली वे पहली युवा रहीं. बाद में उन्होंने आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की शिक्षा पूरी की और एक प्रमुख मानवाधिकार प्रचारक बनीं.

इन घातक चोटों को सहने के बाद मलाला और उनका परिवार बरमिंघम जाकर बस गया, जिसे बाद में उन्होंने अपना सेकेंड होम नाम दे दिया. 17 साल की सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली वे पहली युवा रहीं. बाद में उन्होंने आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की शिक्षा पूरी की और एक प्रमुख मानवाधिकार प्रचारक बनीं.

अपने ग्रेजुएशन के दौरान मलाला अफगानी रिफ्यूजियों के लिए एक बेहतरीन सर्पोटर बनीं. उन्होंने Apple TV+ के साथ डॉक्यूमेंट्रीज तैयार करने को लेकर एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और British Vogue के कवर पर छपीं. शिक्षा के साथ साथ महिला अधिकारों के लिए भी वे लगातार काम करती रहीं.

एसर मलिक को जानें

एसर मलिक क्रिकेट से काफी जुड़े हुए हैं और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के उच्च प्रदर्शन महाप्रबंधक हैं. लाहौर के प्रसिद्ध एचिसन कॉलेज और फिर लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (LUMS) से स्नातक, वह पीसीबी में शामिल होने से पहले पाकिस्तान सुपर लीग फ्रेंचाइजी मुल्तान सुल्तान्स से भी जुड़े थे, जिसके लिए उन्होंने खिलाड़ी विकास कार्यक्रम भी तैयार किया था.

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हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह युगल एक-दूसरे को कितने समय से जानते हैं, लेकिन जून 2019 में एसर मलिक के इंस्टाग्राम अकाउंट पर बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में पाकिस्तान पर जयकार करते हुए उनकी तस्वीरें जरूर मौजूद हैं.

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