
बाराबंकी। कोविड-19 के दौरान स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी चुनौती किसी व्यक्ति की इम्यून सिस्टम की मजबूती बताई जा रही है। हमारे पुलिस कर्मी पिछले लगभग 10 महीनों से लगातार न केवल कोविड-19 से संक्रमित लोगों/इलाकों की निगरानी कर रहें हैं, बल्कि स्वयं भी बहुत तनाव पूर्ण परिस्थिति से गुजर रहे हैं। इसलिए जिला पुलिस प्रमुख होने के कारण उनके और उनके परिवार के स्वास्थ्य के सम्बन्ध में चिंता व समाधान करना नैतिक जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त यह भी देखा गया है कि हमारे थानों, चौकियों, कर्यालयों, पुलिस लाइन्स, आवासीय भवनों, पुलिस क्लब, ऑफिसर्स क्लब आदि भवनों, परिसरों के रखरखाव के लिए बहुत कम सरकारी धन राशि उपलब्ध हो पाती है।
धनराशि की आवश्यकता और उपलब्धता के अन्तर को पूरा करने के लिए एक ऐसा कार्य करने की जरूरत महसूस हुई, जिससे हमारे वित्तीय संसाधनों में वृद्धि हो। सम्यक विचार करने के बाद थानें एवं चौकियों में उपलब्ध सरकारी भूमि पर पुलिस मुख्यालय उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दिए गए मार्ग दर्शक परिपत्र के गार्डेनिंग, प्राइवेट फण्ड का विस्तार करते हुए मधुमक्खी पालन कराए जाने का निर्णय लिया गया।
इसके लिए पुलिस लाइन्स में एक एस0आई0ए0पी0 के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मधुमक्खीवाला के नाम से विख्यात श्री निमित सिंह (मोबाइल नं0-9565556222) के साथ मिलकर जनपद के 23 थानों, 36 चौकियों, पुलिस लाइन्स आदि का भौतिक सर्वेक्षण कर मधुमक्खी पालन के लिए उनकी उपयुक्तता के आधार पर एक प्राथमिकता सूची तैयार की गई। प्रथम चरण के लिए 27 स्थानों को चयनित कर 10-10 मधुमक्खी के डिब्बे रखने का निर्णय लिया गया। थानें/चौकियों पर रखे जाने वाले डिब्बों के रख-रखाव के लिए उन थानों के 4-4 उत्साही, कर्मठ और निष्ठावान चौकीदारों को चिन्हित कर तीन दिवसीय मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण भी दिया गया।
थानों पर मधुमक्खी पालन का प्रस्ताव तैयार करते समय एक आर्थिक प्रस्ताव भी तैयार किया गया, जिसमें 10 डिब्बों पर पहली बार लगभग 35,000/- रुपये और प्रतिवर्ष रख रखाव के लिए लगभग 7,000/- रुपये के वार्षिक व्यय का आंकलन किया गया। उत्तर भारत में माह अक्टूबर से लेकर मध्य मई माह तक मधुमक्खियों द्वारा शहद एवं अन्य उत्पादों को जमा करने का कार्य किया जाता है, जिससे एक कन्जर्वेटिव आकलन के अनुसार लगभग 75,000/- से 1,00,000/- रुपये तक की आय होने की सम्भावना है। इन 10 डिब्बों से लगभग चार सौ किलोग्राम शहद के अतिरिक्त बीज वैक्स, पोलन (मधुमक्खियों के पैर में लगा फूलों का पराग जो बहुत अधिक प्रोटीन युक्त होता है), परपोलिस (पेड़ के प्राकृतिक गोंद को मधुमक्खियां अपने डिब्बों के छिद्रों को सील करने के लिए लाती हैं, जो बहुत इम्युनिटी वर्धक होता है) एकत्र किया जा सकेगा।
दिनांक- 05.11.2020 को अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन, लखनऊ श्री एस0एन0 सांबत द्वारा 270 मधुमक्खी के डिब्बों को पुलिस लाइन्स बाराबंकी में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में हरी झण्डी दिखाकर गंतव्य स्थानों के लिए रवाना किया गया था। मात्र 20 दिनों में जनपद के सभी 270 मधुमक्खी के डिब्बे शहद से लबालब हो गए हैं।
आज दिनांक 29.11.2020 को चौकी मोहम्मदपुर थाना कोतवाली नगर में रखे गए मधुमक्खी के डिब्बों से शहद निष्कर्षण (स्थापित विधि द्वारा छत्तों से शहद निकालना) का कार्य किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी डॉ0 अरविन्द चतुर्वेदी ने कहा कि जनपद बाराबंकी के इस “मधु-मिशन” से प्राप्त शहद से प्रत्येक थानें/चौकियों को इतना पर्याप्त मात्रा में मुफ्त शहद उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे तैनात कर्मी नींबू एवं गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच शहद नियमित रूप से पीकर अपनी इम्युनिटी को बढ़ा सकें। साथ ही साथ डिब्बों से प्राप्त शहद एवं अन्य उत्पादों की बिक्री से प्राप्त धनराशि से जनपद के सरकारी पुलिस भवनों का रख रखाव एवं पुलिस कर्मियों की सुख-सुविधा आदि पर व्यय किया जायेगा। शीघ्र ही कुछ अन्य थानों, चौकियों को चिन्हित कर इस मिशन का विस्तार किया जायेगा। अच्छा उत्पाद देने वाले थानों, चौकियों पर 10 अतिरिक्त मधुमक्खी के डिब्बे लगाने पर विचार किया जायेगा।


