उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों पर सरकार ने उठाये सख्त कदम

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस पर नियंत्रण के लिए सरकार कुछ सख्त कदम उठाने जा रही है। इसके तहत विवाह समारोह में अब अधिकतम सौ व्यक्ति ही भाग ले पाएंगे। वेडिंग प्वाइंट अथवा हॉल होने वाली सभाओं, समारोहों पर भी यही नियम लागू होगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। साथ ही कोरोना से अधिक प्रभावित जिलो में रात्रि कफ्र्यू लगाने का फैसला जिलाधिकारियों पर छोड़ा जा सकता है। मुख्य सचिव ओमप्रकाश के अनुसार रविवार को मानक संचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी की जाएगी।

देश के अन्य हिस्सों की भांति त्योहारी सीजन के दौरान उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा हुआ है। इसने सरकार की बेचैनी भी बढ़ा दी है। इस बीच केंद्र सरकार ने भी 25 नवंबर को सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अपने स्तर से सख्त प्रविधान लागू करने की छूट दे दी है। इसमें रात्रि कर्फ्यू पर निर्णय लेने की इजाजत राज्य सरकारों को दी गई है।

इस बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिलाधिकारियों से बैठक के दौरान सभी जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति का फीड बैक लिया। अब सरकार कोरोना पर नियंत्रण के लिए कुछ कड़े कदम उठाने जा रही है। इसे लेकर शासन स्तर पर गंभीरता से विचार चल रहा है। इसके तहत केंद्र की गाइडलाइन के अनुरूप यहां कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य सचिव के अनुसार राज्य में विवाह समारोहों के साथ ही इनडोर होने वाली सभाओं, कार्यक्रमों, समारोहों में भाग लेने के लिए व्यक्तियों की अधिकतम संख्या सौ की जा रही है। पहले यह दो सौ निर्धारित थी।

यही नहीं, बाहर से उत्तराखंड में आने के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल में पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। पहले इस मामले में अनिवार्यता समाप्त कर दी गई थी। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में कोरोना के मामले अधिक हैं, वहां रात्रि कफ्र्यू के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है। परिस्थितियों को देखते हुए संपूर्ण जिले में रात्रि कफ्र्यू लगाना है अथवा कुछ क्षेत्रों में, इसका फैसला जिलाधिकारियों पर छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही राज्य में साप्ताहिक बंदी का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

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