खेती की व्यवस्था विकेंद्रित होनी चाहिए

जनादेश की चर्चा में राम दत्त त्रिपाठी के साथ, वैज्ञानिक चान्द्र विजय चतुर्वेदी जी,

भारत की पहचान एक कृषि प्रधान देश के रूप में रही है लेकिन देश के बहुत से किसान बेहाल हैं। इसी के चलते पिछले कुछ समय में देश में कई बार किसान आंदोलनों ने जोर पकड़ा है। एक नजर किसानों की मूल समस्याओं पर-

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