Tag: farmers Protest
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Budget 2022: किसानों से बदला लेने वाले बजट का सच आंकड़ों की जुबानी
वित्त मंत्री के भाषण से स्पष्ट था कि किसान आंदोलन से हार से तिलमिलाई हुई सरकार किसानों से बदला लेने पर आमादा है। वित्त मंत्री के भाषण में उन्होंने आंकड़े नहीं दिए लेकिन बजट के आंकड़े आते ही हकीकत स्पष्ट हो गई:
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किसानों का ‘विश्वासघात दिवस’ 31 जनवरी को
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देश भर में आगामी 31 जनवरी को किसान “विश्वासघात दिवस” मनायेंगे, जिसमें जिला व तहसील स्तर पर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताने के लिये कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। फिलहाल, मोर्चे से जुड़े सभी किसान संगठन जोर-शोर से इसकी तैयारी में जुटे हैं। उम्मीद है कि यह…
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आज आप तख़्त में हो, घमंड में सब कर रहे हो, लेकिन आपको इसका अंजाम नहीं पता – मोदी को सत्यपाल मलिक की खरी-खरी
लोक साहित्य, कहानियां और सिख व जाटों के गीत में अक्सर लाल किले का जिक्र होता है. सिख गुरु तेग बहादुर को इसी लाल किले के बाहर मौत के घाट उतार दिया गया था. तो क्या उनकी संतानों को लाल किले पर तिरंगा फहराने का अधिकार नहीं है? लाल किला हमारे जाट समुदाय की सोच…
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किसानों को न्याय दिलाने का ऐतिहासिक आंदोलन: दशा और दिशा
समन्वय समिति के गठन के बाद चलाए जा रहे आंदोलन का मुख्य लक्ष्य देश के सभी किसानों की कर्जा मुक्ति और लाभकारी मूल्य की गारंटी के लिए संसद से कानून पारित कराना था परंतु सरकार ने किसानों की मांगों के अनुसार कानून बनाने की बजाय तीन ऐसे अध्यादेश किसानों पर थोप दिए जिन्हें कभी किसानों…
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लखीमपुर खीरी हिंसा : अजय मिश्रा की गिरफ्तारी को लेकर किसानों का देशव्यापी आंदोलन कल
26 अक्टूबर 2021 को भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) ने लखीमपुर खीरी हत्या में नामजद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आशीष मिश्रा के बेटे अजय मिश्रा (MoS Ajay Mishra) की अब तक भी गिरफ्तारी न होने पर अपना विरोध तेज करते हुए इस देशव्यापी विरोध का आह्वान किया है.
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आखिर क्यों सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं खेतों में काम करने वाले किसान?
भारत में किसान आंदोलन का इतिहास पुराना है. पंजाब, हरियाणा, बंगाल, दक्षिण और पश्चिमी भारत में पिछले सौ वर्षों में कई विरोध-प्रदर्शन हुए हैं. हर बार किसान अपने हक के लिए कानून में कुछ न कुछ बदलाव की मांग करते रहे हैं. ये मांगें वक्त और हालात के साथ बदलती रही हैं. शायद इसलिए क्योंकि…
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किसानों का रेल रोको आंदोलन सफल, UP-पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों की 160 ट्रेनों पर असर
7 ज़ोन में किसानों ने ज्यादा प्रदर्शन किया. इसमें नॉर्दर्न ज़ोन के 157 लोकेशन, NWR ज़ोन (जयपुर) के 16 लोकेशन, NER zone (गोरखपुर) के 3 लोकेशन, NFR zone के 2 लोकेशन, Eastern zone का 1 लोकेशन, WCR zone के 2 लोकेशन शामिल रहे.
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भारत में आजादी के पहले से ही होते रहे हैं किसान आंदोलन
यही नहीं, इन दिनों उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के लिए तो मानो यह गले की हड्डी बन चुका है. संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले देश भर के किसान अपने आंदोलन के बल पर अब विपक्ष की भूमिका में नजर आ रहे हैं. लखीमपुर खीरी हत्या मामले के बाद तो इन्हें जनता का साथ…
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जेपी-लोहिया की विरासत को मजबूती देता किसान आंदोलन
जेपी और लोहिया, दोनों ही नेताओं ने जनता के बीच जागरूकता पैदा कर लोक शक्ति निर्माण करने को तथा विकेंद्रीकृत समाजवादी व्यवस्था कायम करने को अपने जीवन का उद्देश्य माना.
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 12 अक्टूबर को पूरे भारत में शहीद किसान दिवस
के किसान संगठनों और अन्य प्रगतिशील समूहों से पूरे देश में प्रार्थना और श्रद्धांजलि सभा आयोजित करके शहीद किसान दिवस को यादगार बनाने की अपील करता है. शाम को एसकेएम के आह्वान पर मोमबत्ती मार्च आयोजित किया जाएगा. एसकेएम ने लोगों से कल रात 8 बजे अपने घरों के बाहर 5 मोमबत्तियां जलाने का आग्रह…