Tag: राजेंद्र तिवारी
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अर्णब से अब पूछ रहा है देश, क्या है यह गोरखधंधा?
नई दिल्ली। क्या पता था कि अर्णब के – पूछता है भारत – के लिए तिकड़में की जाती रहीं? चैनल को नंबर एक बनाने के लिए परदे के पीछे खेल होता रहा। सुशांत सिंह राजपूत को इंसाफ दिलाने के लिए महीनों झूठ को सच की तरह परोसने में लहा रिपब्लिक टीवी अब खुद ही कठघरे…
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पत्रकारों के बीमा का दायरा बढ़ाए सरकार
फज़ल इमाम मल्लिक। पत्रकारिता भी संकट में है और पत्रकार भी। पत्रकारिता वर्तमान परिदृश्य सत्ता प्रतिष्ठानों के आसपास घूम रही है। पत्रकारों के सामने भी जोखिम है। पर नया जोखिम तो कोरोना महामारी का है। कई पत्रकारों की जान जा चुकी है। ऐसे में यूपी सरकार की तरफ से पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा शुरू…
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मीडिया से बेरोज़गार प्रदर्शन की खबर ग़ायब क्यों?
मीडिया से बेरोज़गारों के प्रदर्शन की खबर आज ग़ायब हो गयी। जनता और जन समस्याओं से जुड़ी बहुत सी खबरें आजकल अख़बारों और टीवी समाचार में जगह नहीं पाती। बहुत सी ऐसी खबरें हैं जो लोकल एडिशन में ही रह जाती हैं। ऐसे में पत्रकारों के साझा मंच जनादेश यूट्यूब लाइव चैनल ने सुबह दस…
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जनादेश लाइव शाम के अलावा अब सुबह दस बजे नए रूप में ” सुप्रभात जनादेश – अख़बारों से “
“जनादेश लाइव” यू ट्यूब चैनल का अब प्रात: क़ालीन प्रसारण ” सुप्रभात जनादेश – अख़बारों से शुरू हो गया है. जहां शाम को किसी महत्वपूर्ण विषय पर वरिष्ठ पत्रकार और विषय विशेषज्ञ संजीदा बहस करते हैं, वहीं “” सुप्रभात जनादेश – अख़बारों से “ में देश विदेश की उन महत्वपूर्ण ख़बरों की जानकारी देते हुए…
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NEWS MEDIA : कितनी खबरें वास्तव में खबरें हैं
—राजेंद्र तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार, राँची से बीते हफ्ते तीन-चार बड़े सवाल छाये रहे- कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी, गहलौत-सचिन, गाजियाबाद में पत्रकार की हत्या और लद्दाख में चीनी घुसपैठ। कोरोना और चीनी घुसपैठ संबंधी खबरें हिंदी अखबारों में अब पहले पेज की सुर्खियों से गायब हो गयी हैं। लेकिन बाकी मुद्दों पर भी उचित…
