Tag: मीडिया
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साहस का काम था जिसे राहुल गांधी ने कर दिखाया
-श्रवण गर्ग मीडिया में जातीय एकाधिकार पर सवाल उठाकर राहुल गांधी ने साहस का काम किया। वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग की विचारोत्तेजक टिप्पणी। साहस का काम था जिसे राहुल गांधी ने कर दिखाया। पिछले पचहत्तर सालों में किसी भी पार्टी का बड़ा से बड़ा नेता यह काम नहीं कर पाया था। समस्या की जड़ तक…
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आम आदमी की अवमानना के ख़िलाफ़ सुनवाई देश के किस कोर्ट में होगी?
बहुत सारे लोगों ने तब राय ज़ाहिर की थी कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के ‘अपराध’ में वकील प्रशांत भूषण को बजाय एक रुपया जुर्माना भरने के तीन महीने का कारावास स्वीकार करना चाहिए था। भूषण शायद कारावास मंज़ूर कर भी लेते, पर तब उन्हें तीन साल के लिए वकालत करने पर भी प्रतिबंध भुगतना…
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अंग्रेजी शब्द के मायने जब हिंदी में गुम हो जायें
वर्षों से मेरी अवधारणा रही कि अंग्रेजी जुबान तथा रोमन लिखावट के सामने हिंदी और नागरी लिपि हर प्रकार से त्रुटिहीन और परिपूर्ण हैं। देखें प्रमाणस्वरूप भारत के संविधान की प्रस्तावना पर प्रोफेसर राजमोहन गांधी ने (इंडियन एक्सप्रेस, 22 अक्टूबर 2020, पेज 7 कालम 8) में लिखा है कि भारत के संविधान की प्रस्तावना में…
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विवादित बाबरी ढांचा विध्वंस मामले में फैसले के बहाने..
गौरव अवस्थी। अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में 28 वर्षों बाद फैसला जो भी आया, आया तो सही। यह वही मामला है जिस पर कभी पूरा देश उबला था। दशकों पुराना अयोध्या की राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक का फैसला तो सर्वोच्च अदालत ने पिछले वर्ष 9 नवंबर 2019 को दे…
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लोग जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए!
सहज जिज्ञासा है कि लोग पूछ रहे हैं :’अब क्या करना चाहिए ?’ एक विशाल देश और उसके एक दूसरे से लगातार अलग किए जा रहे नागरिक जिस मुक़ाम पर आज खड़े हैं, वे जानना चाह रहे हैं कि उन्हें अब किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए? आम आदमी की साँसों को प्रभावित करने वाला…
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बॉलीवुड का मीडिया के नाम खुला पत्र
सुशांत सिंह राजपूत केस में गिरफ्तार मुख्य किरदार रिया चक्रवर्ती द्वारा ड्र्ग मामले में बॉलीवुड के तमाम नाम ले लेने के बाद बॉलीवुड सेलेब्स उनके समर्थन में उतर गए। अब तक बॉलीवुड सेलेब्स चुप बैठे थे लेकिन अचानक से सभी ने रिया का समर्थन शुरू कर दिया। सेलेब्स ने रिया के साथ मीडिया का सलूक…
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अख़बारों की प्रात: चर्चा में चीन, नीतीश और नयी शिक्षा नीति
सुप्रभात जनादेश में मंगलवार को सुबह नयी दिल्ली से हरजिंदर, लखनऊ से रामदत्त त्रिपाठी और अम्बरीष कुमार और कलकता से प्रभाकर मणि तिवारी ने खबरों का अवलोकन और विश्लेषण किया। यह देश में अनोखा कार्यक्रम है जहां कई सीनियर पत्रकार सामूहिक रूप से देश के विभिन्न इलाकों और विदेश के अख़बारों की ख़बरों पर गहन…
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मीडिया से बेरोज़गार प्रदर्शन की खबर ग़ायब क्यों?
मीडिया से बेरोज़गारों के प्रदर्शन की खबर आज ग़ायब हो गयी। जनता और जन समस्याओं से जुड़ी बहुत सी खबरें आजकल अख़बारों और टीवी समाचार में जगह नहीं पाती। बहुत सी ऐसी खबरें हैं जो लोकल एडिशन में ही रह जाती हैं। ऐसे में पत्रकारों के साझा मंच जनादेश यूट्यूब लाइव चैनल ने सुबह दस…
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अब असली मीडिया यही है, जो दिख रहा है वही पढ़ना भी है ?
श्रवण गर्ग, राजनीतिक विश्लेषक संकट की इस घड़ी में हम मीडिया के लोग अपने ही आईनों में अपने ही हर घड़ी बदलते हुए नक़ली चेहरों को देख रहे हैं. ये लोग किसी एक क्षण अपनी उपलब्धियों पर ताल और तालियाँ ठोकते हैं और अगले ही पल छातियाँ पीटते हुए नज़र आते हैं ! इस पर…