Tag: पंकज चतुर्वेदी
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जलवायु – परिवर्तन का नतीजा है, आकाशीय बिजली गिरना
धरती के प्रतिदिन बदलते तापमान का सीधा असर वायुमंडल पर होता है और इसी से भयंकर तूफ़ान भी बनते हैं। बिजली गिरने का सीधा सम्बन्ध धरती के तापमान से है। जाहिर है, जैसे-जैसे धरती गर्म हो रही है, बिजली की लपक उस ओर ज्यादा हो रही है। बिजली गिरने का सीधा सम्बन्ध बादलों के ऊपरी ‘ट्रोपोस्फेरिक’ या ‘क्षोभ-मंडल’ जल-वाष्प और ‘ट्रोपोस्फेरिक’ ओजोन परतों…
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रोना यथास्थिति के विरुद्ध एक मुनासिब कार्रवाई है
“एक सामूहिक विलाप है जिसमें मैं अपनी भीगी आँखों के साथ शामिल हूँ। कभी-कभी रोना भी विद्रोह हो सकता है। यह अंधेपन के विरुद्ध एक विद्रोह है। खुली आँख से देखना और रोना।” महाकवि निराला के प्रपौत्र विवेक निराला की यह पंक्तियाँ हमें यथास्थिति को अस्वीकार करने की प्रेरणा देती हैं. कवि पंकज चतुर्वेदी ने…
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लाल क़िले पर उपद्रव : दिल्ली पुलिस की असफलता
26 जनवरी 2021 को देश की राजधानी में जो कुछ हुआ, यह असफलता तो दिल्ली पुलिस की ही है, जिसका दुर्भाग्यपूर्ण हिस्सा दुनिया के सामने हैं और हर भारतीय को इस पर गुस्सा भी है, शर्म भी है। लेकिन यह बहुत कडवा सच है कि मीडिया के माध्यम से जो कुछ सोरे संसार में पहुंचा…