Tag: राम – एक सार्वभौमिक चेतना
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कबीर और गांधी के राम: धर्म से परे आत्मा, करुणा और न्याय का प्रतीक
संत कबीर और महात्मा गांधी ने ‘राम’ को किसी धार्मिक प्रतीक से आगे बढ़कर एक आत्मिक सत्य और नैतिक शक्ति के रूप में देखा। यह लेख उनकी राम-कल्पना की गहराई में ले चलता है। राम भारतीय संस्कृति और चेतना का एक कालजयी प्रतीक हैं। किंतु हर युग में इस नाम का अर्थ बदलता रहा है। जहां…