Tag: प्रोफेसर डॉ0 रवीन्द्र कुमार
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गाँधीजी के विचार और कार्य: एक बहुआयामी जीवन
राजनीति को प्रत्येक स्थिति में नैतिकता से सम्बद्ध रखने के लिए गाँधीजी अपने राजनीतिक आलोचकों के निशाने पर रहे . राजनीतिक क्षेत्र में अहिंसा की परिधि में ठहरते हुए उनके द्वारा की गईं जनकार्यवाहियाँ भी आलोचना का शिकार हुईं . आलोचकों ने नैतिकता और अहिंसा, दोनों, की मूल भावना, जो प्राणिमात्र के प्रति सक्रिय सद्भावना…
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योद्धा-सन्यासी स्वामी विवेकानन्द, जैसा मैंने जाना…
स्वामी विवेकानन्द आधुनिक भारत के धर्मक्षेत्र के उन शिखर पुरुषों एवं समाज-सुधारकों में से एक हैं, जो न केवल धर्म की सत्यमयी व्याख्या करने के लिए जाने गए; जिन्होंने धर्म और अध्यात्म की मूल भावना को निरपेक्षतः, बिना किसी भेदभाव के, सजातियों के समक्ष रखा और वांछित सामाजिक सुधारों के लिए जीवनभर कार्य किया, अपितु…