Tag: पतंजलि
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मंत्र का भाष्य हर व्यक्ति के लिए पृथक
संत विनोबा भावे ने कहा कि “ईशावास्य उपनिषद मंत्र ऋषि के काबू में नहीं रहता”, इस दृष्टि से ईशावास्य उपनिषद एक अत्यंत आध्यात्मिक कृति है, उत्तम वांगमयात्मक कृति भी है। उसमें जो मंत्र है, अर्थघन है, मनन करने से वह खुल सकते हैं। जो मनन मैं करूंगा, वह मेरे लिए सही है। वह मनन मेरे…
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ईशावास्य उपनिषद में समग्र जीवन का दर्शन
विनोबा का आज का वेद चिंतन : ईशावास्य उपनिषद प्रास्ताविक संत विनोबा भावे कहते हैं कि – रोज सुबह प्रार्थना में ईशावास्य बोलते हैं। वह सबसे छोटा और सबसे श्रेष्ठ उपनिषद है। बचपन से मेरी उस पर प्रीति बैठी है। उसका मेरे जीवन पर और चित्त् पर बहुत ही प्रभाव पड़ा है। उसमें समग्र जीवन…