Tag: डाॅ.पुष्पेंद्र दुबे
-

ग्रामस्वराज्य और जयजगत का महत्व आज के विज्ञान युग में बढ़ गया है
लखनऊ (विनोबा भवन) 4 सितम्बर। ग्रामस्वराज्य और जयजगत का महत्व आज के विज्ञान युग में बढ़ गया है। इस व्यावहारिक विचार को धरातल पर उतारने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। विनोबा जी ने इसका ब्ल्यू प्रिंट दे रखा है। आसाम के सर्वोदय सेवक श्री हेमभाई ने विनोबा जी की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह…
-

खेती उत्पादक श्रम के लिए उत्तम साधन है: सुश्री नलिनी नावरेकर
खेती की खोज ने मनुष्य के लिए अहिंसा का नवीन द्वार खोला। खेती के कारण मनुष्य ने मांसाहार त्याग की ओर अपना कदम बढ़ाया। खेती ईश्वर भक्ति का सर्वश्रेष्ठ साधन है। हरेक व्यक्ति को अपने जीवन में उत्पादक श्रम के लिए खेती को अपनाना चाहिए। खेती ब्रह्मविद्या प्राप्त करने का साधन है। नासिक की सर्वोदय…
-

गरीबी दूर करने के लिए उत्पादन के साधन उत्पादक के हाथ में देने होंगे : सुश्री राधा बहन
लखनऊ (विनोबा भवन) 30 अगस्त। देश की गरीबी दूर करने के लिए उत्पादक के हाथ में उत्पादन के साधन देने होंगे। विनोबा ने भूदान से देश की करुणा को जाग्रत किया। ग्रामदान होने पर गांव बचेंगे और देश सुरक्षित रहेगा।विनोबा जी भूदान से अहिंसा को और अधिक आध्यात्मिक बनाया। उन्होंने उत्पादक को उत्पादन के साधन…