Tag: एक अर्थशास्त्रीय कविता

  • वोट बैंक – एक चुनावी दृष्टि

    वोट बैंक – एक चुनावी दृष्टि

    अपने प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव की दुंदुभि बजने लगी है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने जनाधार सहेजने लगे हैं। इस जनाधार को राजनैतिक विश्लेषकों ने वोट-बैंक का नाम दिया है। इसी संदर्भ में प्रस्तुत है एक अर्थशास्त्रीय कविता। आशा है कि अर्थशास्त्र जानने वाले और न जानने वाले सभी को पसंद आएगी…