आदि शंकराचार्य : अविभाज्य समग्रता और सार्वभौमिक एकता की सत्यता के प्रतिपादक

प्रोफ़ेसर रवींद्र कुमार अविभाज्य समग्रता –सार्वभौमिक एकता ही एकमात्र शाश्वत सत्यता है। संस्कृत भाषा के “विद्”  शब्द से बने “वेद”जिसका एक वचनीय शाब्दिक अर्थ “ज्ञान” है; “विदित” (जाना हुआ), “विद्या” (ज्ञान), “विद्वान” (ज्ञानी) आदि जैसे शब्द जिसके लिए प्रयुक्त हैं, अविभाज्य समग्रता –सार्वभौमिक एकता की सत्यता को प्रकट करते हैं। वेद ज्ञान की पराकाष्ठा हैं; … Continue reading आदि शंकराचार्य : अविभाज्य समग्रता और सार्वभौमिक एकता की सत्यता के प्रतिपादक